जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच और निगरानी और तेज कर दी है। दूसरी ओर राजौरी जिले के घने जंगलों में चलाया जा रहा आतंकवाद विरोधी अभियान “ऑपरेशन शेरुवाली” लगातार 36वें दिन भी जारी है। दोनों घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं और सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ हालात पर नजर रखे हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार सेना के जवानों ने पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर के गुलपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान 26 वर्षीय मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अब्बासपुर क्षेत्र के पोलास गांव का निवासी है।
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सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि मोहम्मद सज्जाद को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि वह अनजाने में नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां उसके इस दावे की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन परिस्थितियों में सीमा पार की और उसके पीछे कोई अन्य मकसद तो नहीं था।
सेना के सूत्रों के अनुसार नियंत्रण रेखा पर तैनात जवानों की सतर्कता के कारण घुसपैठ की इस कोशिश को समय रहते विफल कर दिया गया। क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह किसी बड़े नेटवर्क या घुसपैठ की योजना का हिस्सा तो नहीं था।
इसी बीच, राजौरी जिले के दोरीमल और गंभीर मुगलान क्षेत्र के घने जंगलों में चलाया जा रहा “ऑपरेशन शेरुवाली’ लगातार जारी है। यह व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान मई के अंतिम सप्ताह में शुरू किया गया था। अभियान का उद्देश्य दुर्गम पहाड़ी और वन क्षेत्रों में छिपे आतंकियों और घुसपैठियों का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना है।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह, सेना तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीमें अभियान में लगी हुई हैं। सुरक्षा बल लगातार जंगलों में तलाशी अभियान चला रहे हैं और पूरे इलाके पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अभियान के दौरान मानव आधारित खुफिया तंत्र के साथ तकनीकी निगरानी का भी सहारा लिया जा रहा है। सेना के खोजी कुत्तों के दस्ते भी अभियान में शामिल हैं।
हम आपको बता दें कि सुरक्षा बलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र का कठिन भूभाग और घने जंगल हैं, जहां आतंकियों के छिपे होने की आशंका बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां पूरी आपसी समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रही हैं और इलाके में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरा इलाका पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता और अभियान के सभी उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक ऑपरेशन शेरुवाली जारी रहेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार बढ़ी सतर्कता और संयुक्त अभियान यह दर्शाते हैं कि सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और घुसपैठ की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।
