अयोध्या राम मंदिर दान मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अहम कदम उठाए जाने की उम्मीद है, क्योंकि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज होने की संभावना है, जिसके बाद इसके लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। जांच का मुख्य फोकस कथित दान घोटाले पर है, जिसमें मंदिर ट्रस्ट या दान की गिनती से जुड़े अधिकारियों या व्यक्तियों पर फंड के दुरुपयोग का आरोप है। SIT ने सबूत इकट्ठा करने के लिए छह दिनों तक मंदिर का दौरा किया था, और अब जांच एजेंसियां दान के गलत इस्तेमाल में शामिल आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं।
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VHP ने FIR दर्ज करने की मांग की है
विश्व हिंदू परिषद ने राम मंदिर के लिए दिए गए दान में कथित हेराफेरी की तुरंत FIR दर्ज करने और पुलिस जांच की सार्वजनिक रूप से मांग की है। उनका कहना है कि आंतरिक जांच काफी नहीं है। VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने दुख जताते हुए कहा कि लोगों ने गहरी आस्था के साथ करोड़ों का दान दिया था और उन्होंने इस घटना को हिंदू समाज के लिए एक झटका बताया। उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ट्रस्ट पर संघ परिवार के भीतर से ही कानूनी कार्रवाई शुरू करने का दबाव बढ़ रहा है, जो संस्थागत जवाबदेही की दिशा में एक बदलाव का संकेत है।
