अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इन दिनों अपने बयानों और निजी जीवन को लेकर लगातार चर्चा में हैं। कभी अपनी धार्मिक आस्था को लेकर खुलकर बोलने वाले वेंस अब अपने ही राजनीतिक आधार वर्ग यानि मागा समर्थकों के बीच असहज स्थिति का सामना करते दिखाई दे रहे हैं। हाल के दिनों में पाकिस्तान को लेकर दिए गए उनके बयान, पत्नी उषा वेंस के साथ सार्वजनिक मंचों पर हुई चर्चाएं और उनके अंतरधार्मिक विवाह को लेकर उठ रही बहस ने अमेरिकी राजनीति में नया विमर्श खड़ा कर दिया है।
स्विट्जरलैंड में हाल ही में ईरान से वार्ता के दौरान जेडी वेंस ने पाकिस्तान के प्रति अपने लगाव का खुला प्रदर्शन किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मौजूदगी में वेंस ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी जिंदगी में दो बेहद महत्वपूर्ण लोग हैं, जिनमें एक उनकी भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस और दूसरे पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर हैं। बाद में एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर उन्होंने यहां तक कह दिया कि उन्हें पाकिस्तान से प्रेम है।
जेडी वेंस का यह बयान अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीति और मागा समर्थकों को रास नहीं आया। अमेरिका में पाकिस्तान को लंबे समय से आतंकवाद से जोड़कर देखा जाता रहा है। ऐसे में पाकिस्तान और विशेष रूप से उसकी सैन्य व्यवस्था की खुली प्रशंसा ने रिपब्लिकन खेमे के भीतर भी असहजता पैदा कर दी है।
रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताते हुए कहा कि पाकिस्तान और कतर जैसे देशों का आतंकवादियों को पनाह देने का पुराना इतिहास रहा है और वे ईरान के समर्थन में अधिक रुचि रखते दिखाई देते हैं। वहीं मोंटाना के सीनेटर टिम शीही ने एक समाचार चैनल पर पाकिस्तान पर ओसामा बिन लादेन को वर्षों तक छिपाने और गुप्तचर एजेंसी के जरिये कट्टरपंथी ताकतों को समर्थन देने के आरोप दोहराए। रुढ़िवादी टिप्पणीकार मेगन मैक्केन ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जेडी वेंस भले पाकिस्तान से प्रेम करते हों, लेकिन वह ऐसा नहीं करतीं।
इन राजनीतिक विवादों के बीच जेडी वेंस का निजी जीवन भी सुर्खियों में बना हुआ है। कुछ दिन पहले उन्होंने और उनकी पत्नी उषा वेंस ने एक संयुक्त साक्षात्कार में अपने वैवाहिक और धार्मिक संबंधों को लेकर खुलकर बातचीत की थी। उषा वेंस ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्होंने हिंदू परिवार में स्थिर और सुखद माहौल में परवरिश पाई है, इसलिए उन्हें अपनी आस्था बदलने की आवश्यकता कभी महसूस नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि जहां जेडी वेंस के लिए चर्च ने जीवन में सहारा दिया, वहीं उन्हें ऐसा बदलाव जरूरी नहीं लगा।
उषा वेंस के इस बयान को सोशल मीडिया पर अलग-अलग नजरिए से देखा गया। कई लोगों ने इसे जेडी वेंस के कठिन बचपन पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी माना, जबकि समर्थकों ने इसे दो अलग जीवन अनुभवों की सहज अभिव्यक्ति बताया। हालांकि आलोचकों के अनुसार उषा वेंस ने बेहद विनम्र लेकिन प्रभावशाली तरीके से अपनी स्वतंत्र पहचान और सोच को सामने रखा।
हम आपको याद दिला दें कि जेडी वेंस पहले भी अपनी पत्नी को लेकर दिए गए कुछ बयानों के कारण आलोचना झेल चुके हैं। मिशिगन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मजाक में कहा था कि जब उन्होंने उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में उतरने का फैसला किया, तब उषा ने कहा था कि वह या तो उपराष्ट्रपति बन सकते हैं या चौथे बच्चे के पिता। लेकिन उन्होंने दोनों हासिल कर लिए। उस समय गर्भवती उषा वेंस कार्यक्रम में मौजूद थीं। इस टिप्पणी को भी कई लोगों ने असहज और अनुचित माना था।
यही नहीं जेडी वेंस की नई आत्मकथा में उनकी एक पूर्व प्रेमिका का उल्लेख भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे पहले ही लोगों के बीच यह जिज्ञासा बनी हुई थी कि अमेरिका के सबसे चर्चित अंतरधार्मिक विवाहों में से एक माने जाने वाले इस रिश्ते में धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन कैसे कायम है। जेडी वेंस जहां खुले तौर पर अपनी कैथोलिक आस्था और परिवार के उसी राह पर चलने की इच्छा जाहिर करते रहे हैं, वहीं उषा वेंस ने हमेशा अपने हिंदू संस्कारों और पहचान पर गर्व व्यक्त किया है।
देखा जाये तो वॉशिंगटन की राजनीति में आमतौर पर नेताओं के जीवनसाथियों को केवल समर्थन देने वाली छवि में देखा जाता है। लेकिन उषा वेंस लगातार एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में उभरती दिखाई दे रही हैं। वह अपनी परंपराओं, विचारों और पहचान को बिना झिझक सार्वजनिक रूप से सामने रख रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यही बात उन्हें अमेरिकी राजनीति के पारंपरिक ढांचे से अलग बनाती है।
बहरहाल, जेडी वेंस के हालिया बयान और निजी जीवन से जुड़े विवाद ऐसे समय सामने आए हैं जब उन्हें भविष्य में राष्ट्रपति पद के संभावित दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में पाकिस्तान पर दिए गए उनके बयान, धार्मिक पहचान को लेकर चल रही बहस और पत्नी उषा वेंस की स्वतंत्र छवि आने वाले समय में उनकी राजनीतिक यात्रा को किस दिशा में ले जाएगी, इस पर अब पूरे अमेरिका की नजर टिकी हुई है।