भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। इस दौरान कतर में हुए गैस संयंत्र हादसे, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की स्थिति, ब्रिक्स देशों की सुरक्षा बैठक, भारत-चीन संबंध, फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही, भारत-यूएई रक्षा सहयोग तथा बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से जुड़े घटनाक्रमों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रेस ब्रीफिंग में सबसे पहले रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित गैस सुविधा केंद्र में हुए भीषण विस्फोट का मुद्दा उठा। रणधीर जायसवाल ने इसे अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि विभिन्न देशों के कई अन्य लोगों की भी जान गई है। उन्होंने बताया कि कुल 66 लोग घायल हुए हैं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनमें कितने भारतीय शामिल हैं। विदेश मंत्रालय स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और मृतकों की पहचान तथा उनके पार्थिव शरीरों को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। सरकार मृतकों के परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है और हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।
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इसके अलावा, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाकर अपने आंतरिक संकटों और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों के लंबे समय से हो रहे आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और प्रशासनिक दमन का परिणाम हैं। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने इन प्रदर्शनों के जवाब में पुलिस बल का अत्यधिक इस्तेमाल किया, इंटरनेट सेवाएं बंद कीं, आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति रोकी तथा निहत्थे नागरिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की।
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक की जानकारी भी साझा की। प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ईरान, इथियोपिया, ब्राजील, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। बैठक में गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों, नई तकनीकों से उत्पन्न खतरों तथा साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान हाल में आयोजित ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूहों के निष्कर्षों की भी समीक्षा की गई।
एनएसए अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक पर भी विदेश मंत्रालय ने सकारात्मक संकेत दिए। रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की और संबंधों के क्रमिक सामान्यीकरण की दिशा में हुई प्रगति को स्वीकार किया। भारत ने इस दौरान स्थिर, पूर्वानुमेय और रचनात्मक संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच विश्वास और बेहतर समझ विकसित हो सके।
इसके अलावा, फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की स्थिति पर जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान में 10 भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी भी क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके अलावा दो भारतीय जहाज खाड़ी में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे समुद्री यातायात सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 17 जून को हुए समझौते के बाद अब तक 11 भारत-गामी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। इनमें तीन भारतीय कच्चे तेल टैंकर शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक लगभग 2.85 लाख मीट्रिक टन तेल लेकर आ रहा है। इसके अतिरिक्त एलपीजी, उर्वरक और अन्य सामान ले जाने वाले विदेशी जहाज भी सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं। भारत को उम्मीद है कि शेष भारतीय जहाज भी जल्द सुरक्षित रूप से मार्ग पार कर लेंगे।
इसके अलावा, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा साझेदारी पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय मजबूती आई है और रक्षा सहयोग इस बढ़ते संबंध का महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि रक्षा साझेदारी लगातार गहरी और व्यापक होती जा रही है।
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और चित्रों के अपमान से जुड़ी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। भारत ने कहा कि इन घटनाओं के बाद वहां विरोध प्रदर्शन हुए हैं और बांग्लादेश सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह चरमपंथी तत्वों पर नियंत्रण करे तथा अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
