पटना में चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर ने आज पटना सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। हम आपको बता दें कि उनके मामले को लेकर बीते कुछ दिनों से जबरदस्त विवाद और तनाव का माहौल बना हुआ है। पटना पुलिस ने कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में हुई फायरिंग की घटना के बाद फैजल खान के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद शहर में हलचल तेज हो गई और देर रात तक भारी हंगामा देखने को मिला। पुलिस खान सर को गिरफ्तार करने के इरादे से कोचिंग परिसर पहुंची थी, लेकिन वहां पहले से मौजूद सैकड़ों छात्रों ने उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी शुरू कर दी थी। छात्रों की भीड़ और विरोध के कारण पुलिस पूरी रात दबाव बनाए रखने के बावजूद उन्हें हिरासत में नहीं ले सकी थी।
दरअसल, यह पूरा मामला दो बड़े कोचिंग संस्थानों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान और ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद के बीच प्रतिस्पर्धा अब खुली टकराव की स्थिति तक पहुंच चुकी है। विवाद की शुरुआत बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के परिणाम आने के बाद हुई थी। दोनों संस्थानों ने अपने यहां सबसे अधिक छात्रों के चयन का दावा किया और शहरभर में पोस्टर तथा बैनर लगाए गए। आरोप है कि इसी दौरान खान ग्लोबल स्टडीज के कर्मचारियों ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के बोर्ड के ऊपर अपना बैनर लगा दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया।
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स्थिति ने गंभीर रूप तब लिया जब दो और तीन जून की रात दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट, तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग हुई। इसी घटना से जुड़ा एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें खान सर का एक सुरक्षाकर्मी गोली चलाते हुए दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खान ग्लोबल स्टडीज पहुंचकर जांच शुरू की और दो सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनके हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कथित रूप से बयान दिया कि फैजल खान ने उनसे कहा था, “तुम गोली चलाओ, बाकी मैं संभाल लूंगा।” इसी बयान के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत भी खान सर का नाम प्राथमिकी में जोड़ा है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच खान सर लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते रहे हैं। उनका कहना है कि फायरिंग आत्मरक्षा में की गई थी। उन्होंने कहा कि मौके पर भारी हंगामा और मारपीट हो रही थी तथा पुलिस को पहुंचने में समय लग सकता था, इसलिए सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षा के लिए गोली चलाई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब किसी पर हमला हो तो सुरक्षाकर्मी क्या सिर्फ तमाशा देखते रहें। खान सर ने छात्रों को दिखाए गए एक वीडियो में दावा किया कि घटना के दौरान उनके एक गार्ड को जबरन ले जाने वाला व्यक्ति अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है और असली मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है।
छात्रों के बीच संबोधन के दौरान उन्होंने हाथ में किताब लेकर यह भी कहा कि “ज्ञान की कसम, उस दिन फायरिंग हुई थी।” साथ ही उन्होंने दावा किया कि यदि खान ग्लोबल स्टडीज को बंद करने की कोशिश की गई तो शहर में कोचिंग की फीस बहुत अधिक बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पैसा कमाना नहीं बल्कि छात्रों को सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उधर, घटना के बाद कोचिंग संस्थान के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने छात्रों को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन छात्र लगातार खान सर के समर्थन में डटे रहे। फिलहाल पूरे मामले को लेकर शहर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस आगे क्या कदम उठाती है और शिक्षा के क्षेत्र में शुरू हुई यह वर्चस्व की लड़ाई कब शांत होती है।
दूसरी ओर, यह मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ चुका है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि खान सर और रौशन सर को चाहिए कि वह कोचिंग को मलयुद्ध नहीं बनाएं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग होते हैं जो अच्छी संस्थाओं को बदमान करने में लगे रहते हैं, ये कोई नई चीज नहीं है।
