उत्तराखंड में एक ऐसी जगह भी है, जिसको बादलों का देश कहा जाता है। यहां की खूबसूरती ऐसी है कि यह लोगों का मन मोह लेती है। ऐसे में अगर आप भी जून की भीषण गर्मी और दिल्ली की भागदौड़ से थोड़े दिन के लिए राहत पाना चाहती हैं, तो आप इस वीकेंड बादलों के देश जा सकती हैं।
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बादलों का देश
उत्तराखंड के लैंसडाउन को बादलों का देश कहा जाता है। इसका नाम पहले कालौं का डांडा था। यह एक गढ़वाली भाषा है। जिसका मतलब है काले बादलों से घिरा पहाड़ है। समुद्र तल से लैंसडाउन की ऊंचाई करीब 1700 मीटर है। दिल्ली से यह जगह 258 किमी है। यानी की आप वीकेंड पर यहां आ सकती हैं।
लैंसडाउन क्यों है खास
उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल जिले में लैंसडाउन स्थित है। यह एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। बादलों का देश होने की वजह से यहां पर पहाड़ों के बीच आपको बादल तैरते हुए नजर आएंगे। वहीं यह जगह देवदार के घने पेड़ों से घिरी है। अगर आप शोर-शराबे के दूर कुछ समय सुकून के बिताना चाहते हैं, तो लैंसडाउन आपके लिए परफेक्ट है।
खासियत
लैंसडाउन की सबसे खास चीज यहां का मौसम है। खासकर जून-जुलाई के मौसम में बादल काफी नीचे तक आ जाते हैं। वहीं कई बार ऐसा लगता है जैसे बादल सड़क पर और पहाड़ों के बीच घूम रहे हैं।
घूमने लायक जगहें
भीम पकोड़ा
टिप-इन-टॉप व्यू पॉइंट
सेंट जॉन चर्च
भुल्ला ताल
कालागढ़ वाइल्डलाइफ एरिया के आसपास का इलाका
खाने का स्वाद
आप लैंसडाउन में छोटे कैफे और लोकल खाने की काफी दुकानें हैं। आप यहां पर चाय और पहाड़ी स्नैक्स का मजा ले सकती हैं। कई लोग सुबह के समय मैगी और चाय के साथ पहाड़ों का नजारा एंजॉय करते हैं।
ऐसे पहुंचे लैंसडाउन
अगर आप यहां जा रहे हैं, तो आप प्राइवेट या फिर अपनी कार से भी जा सकते हैं। इसके लिए आपको 6 से 7 घंटे का समय लगेगा। इसके अलावा आप ट्रेन से भी जाना अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसके लिए आपको दिल्ली से कोटद्वार के लिए डायरेक्ट ट्रेन मिल जाएगी। यहां से आप कैब या टैक्सी से लैंसडाउन जा सकती हैं।
