दिल्ली विश्वविद्यालय यानी DU ने 2026-27 सत्र के लिए पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए 16 मई से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। रजिस्टर करने की आखिरी तारीख 7 जून है। यूनिवर्सिटी के अलग-अलग कॉलेजों में पीजी कोर्स में एडमिशन लेने के इच्छुक छात्र अब ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल पर अप्लाई कर सकते हैं। रजिस्ट्रार ऑफिस के मुताबिक, जो छात्र अभी अपने ग्रेजुएशन के तीसरे या चौथे साल में पढ़ रहे हैं, वे दो साल के मास्टर्स प्रोग्राम में अप्लाई कर सकते हैं। DU PG कोर्स में एडमिशन के लिए 50% मार्क्स जरूरी DU में PG कोर्स के लिए अप्लाई कर रहे UR/OBC-NCL/EWS कैटेगरी के छात्रों को UG क्वालिफाइंग एग्जाम में कम से कम 50% टोटल मार्क्स या उसके बराबर ग्रेड होना जरूरी है। वहीं, SC/ST/PwBD कैटेगरी के छात्रों के लिए क्वालिफाइंग एग्जाम में कम से कम 45% टोटल मार्क्स या उसके बराबर ग्रेड होना चाहिए। स्टूडेंट्स को जिस कोर्स में एडमिशन लेना है, उसकी एलिजिबिलिटी पूरी करने के साथ ही पीजी एडमिशन के लिए होने वाला कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी CUET (PG)- 2026 एग्जाम देना जरूरी है। DU मास्टर्स में 82 कोर्स ऑफर कर रहा DU की टोटल 16 फैकल्टीज में करीब 6.5+ लाख स्टूडेंट्स हर साल पढ़ते हैं। यूनिवर्सिटी में 86 डिपार्टमेंट और 91 कॉलेज हैं। DU मास्टर्स में 82 कोर्स ऑफर करती है। पूरे कोर्स और फैकल्टी की लिस्ट देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें। 250 रुपए एप्लीकेशन फीस लगेगी अनारक्षित, OBC और EWS कैटेगरी के लिए अप्लीकेशन फीस 250 रुपए प्रति कोर्स है। SC/ST और PwBD के लिए एप्लीकेशन फीस 100 रुपए प्रति कोर्स ली जाएगी। इस बार यूनिवर्सिटी ने छात्रों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। अब DigiLocker/API Setu प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों की जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, कैटेगरी, जेंडर, माता-पिता का नाम और CUET स्कोर अपने-आप जुड़ जाएंगे। DU के PG CSAS 2026 पोर्टल पर ऐसे करें रजिस्टर नोट: नए नियमों के मुताबिक, सारी डिटेल्स की बजाय सिर्फ डिजिलॉकर या API SETU के लिंक करने को कहा जा सकता है। इससे पोर्टल पर जरूरी जानकारी जैसे कैंडिडेट का नाम, D.O.B, CUET स्कोर, अपने आप अपलोड हो जाएगी। ये 4 डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें पोर्टल पर एडमिशन के आवेदन के 10 स्टेप्स यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा है कि नई शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के तहत शुरू किए गए एक साल के PG प्रोग्राम्स के लिए जल्द ही अलग पोर्टल पर एप्लीकेशन शुरू होंगे। छात्रों को अपडेट के लिए admission.uod.ac.in वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी गई है। DU में 27% OBC और SC/ST स्टूडेंट्स के लिए 22.5% सीटें आरक्षित DU के कॉलेजों में 27% सीटें OBC (सेंट्रल लिस्ट में नॉन क्रिमी लेयर) के लिए आरक्षित हैं। SC/ST के लिए टोटल 22.5% आरक्षित है, इनमें भी SC को 15% और ST को 7.5%। EWS कोटा के लिए भी 10% सीटें आरक्षित हैं, लेकिन EWS सर्टिफिकेट 31 मार्च 2026 के बाद का अपडेटेड होना चाहिए। PwBD कैंडिडेट्स के लिए हर कोर्स में 5% सीटों आरक्षित हैं। इनके लिए अलग से सीट एलोकेशन रिजल्ट डिकलेयर किया जाएगा। स्टोरी – सोनाली राय ——————— ये खबर भी पढ़ें… कीड़ों की तरह रेंगकर शिक्षा मंत्री आवास पहुंचे कैंडिडेट्स:यूपी 69000 शिक्षक भर्ती रिजर्वेशन घोटाले के खिलाफ कैंडिडेट्स का अनोखा प्रदर्शन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैंडिडेट्स कीड़ों की तरह रेंगकर यूपी शिक्षा मंत्री के आवास पहुंच रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है। कैंडिडेट्स यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही कैंडिडेट्स इस तरह से चीफ जस्टिस के ‘कॉकरोज’ वाले बयान का भी प्रतिकात्मक विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने कीड़ा समझा, इसीलिए रेंग कर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
DU PG कोर्सेज के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू:82 कोर्स में ले सकते हैं एडमिशन, जानें पूरी एप्लीकेशन प्रोसेस
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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