बिहार के बेगूसराय में एक सरकारी स्कूल के भीतर हुई लापरवाही ने 12 साल के छात्र की जान ले ली। ये 6 मई को बिहार के अरवा गांव के जहानपुर सेकेंडरी स्कूल की घटना है। क्लासरूम में लोहे की ग्रिलों का ढेर गिरने से छठी क्लास के छात्र विवान राज उर्फ मुन्ना की मौके पर ही जान चली गई। पेन उठाने झुका तभी ग्रिल ढह गईं
जानकारी के मुताबिक, लंच-ब्रेक के दौरान स्कूल के बरामदे में काफी भीड़ थी। भीड़ से बचने के लिए विवान पास के एक क्लासरूम में चला गया, जहां साइंस लैब बनाने के लिए लोहे की भारी ग्रिलें रखी गई थीं। इसी दौरान उसका पेन ग्रिलों के पास गिर गया। जैसे ही वह पेन उठाने के लिए झुका, ग्रिलों का पूरा ढेर अचानक उस पर गिर पड़ा। नुकीली ग्रिलें उसके सिर में धंस गईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद टीचर्स मौके से भागे
घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। खबर फैलते ही ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों ने स्कूल का घेराव किया। हालात बिगड़ता देख कई टीचर्स मौके से भाग गए। आरोप है कि गुस्साए लोगों ने स्कूल के हेडमास्टर अमित कुमार और कंप्यूटर टीचर अवनीश कुमार को घेर लिया और उनके साथ मारपीट भी की। लोगों ने छात्र का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया मामले की सूचना मिलते ही बछवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ को काबू करने के लिए तेघड़ा और भगवानपुर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। गुस्साए लोगों ने छात्र का शव सड़क पर रखकर कई घंटों तक जाम रखा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को कार्रवाई और मुआवजे का भरोसा दिया, तब जाकर प्रदर्शन खत्म हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लापरवाही के लिए स्कूल प्रिंसिपल को सस्पेंड किया जिला प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। इसके बाद बेगुसराय के डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर मनोज कुमार ने स्कूल प्रिंसिपल अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ———————– ये खबर भी पढ़ें…
NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 स्टूडेंट्स का सुसाइड:कॉलेज ने एग्जाम तक छुट्टी घोषित की, प्रोफेसर कहते हैं-कैंपस से बाहर जाकर सुसाइड करो NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 कॉलेज स्टूडेंट्स की सुसाइड से मौत हो गई। ये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT कुरुक्षेत्र में 16 फरवरी से 16 अप्रैल तक में हुई मौतों का आंकड़ा है। इन 4 स्टूडेंट्स ने या तो एकेडमिक या फिर फाइनेंशियल प्रेशर की वजह से अपनी जान दी। पूरी खबर पढ़ें…
क्लासरूम में ग्रिल गिरने से छठी क्लास के छात्र की:डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर ने लापारवाही मानी, प्रिंसिपल को सस्पेंड किया
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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