2 मई 2026 को जय मीनेश आदिवासी विश्वविद्यालय, कोटा के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा विशेष व्याख्यान (Expert Lecture) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विषय “डिजिटल युग में मूल्यवर्धित पुस्तकालय सेवाओं के माध्यम से उपयोगकर्ता सहभागिता को सुदृढ़ करना” था। यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) में आयोजित किया गया।
‘द नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी’, के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार झरोटिया मुख्य वक्ता थे।
उन्होंने बताया कि आधुनिक पुस्तकालय अब केवल किताबों का भंडार नहीं हैं, बल्कि आधुनिक नॉलेज सेंटर बन चुके हैं, पुस्तकालयों में अब AI (एआई) और ICT (आईसीटी) जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। वैल्यू एडीड सर्विस (Value Added Services) के द्वारा हम बेहतर लाइब्रेरी सर्विस दे सकते है और व्याख्यान के दौरान उन्होंने अपने NCU विश्वविद्यालय के पुस्तकालय का वर्चुअल टूर भी करवाया।
इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय चेयरमैन श्री आर.डी. मीणा एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) श्रवण कुमार मीणा के संरक्षण में हुआ। मंच का संचालन डॉ. ज्योत्स्ना वर्मा ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
डॉक्टर राहुल गुप्ता (Advisor), डॉक्टर प्रशांत भारद्वाज (Convener), श्री अक्षय कुमार (Coordinator) सहित कार्यक्रम के कमेटी मेंबर और विभिन्न शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाफ मेंबर तथा विद्यार्थी भी उपस्थित रहेl
कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. प्रशांत भारद्वाज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
जय मीनेश आदिवासी विश्वविद्यालय में मूल्यवर्धित पुस्तकालय सेवाओं पर डॉ अनिल झरोटीया का विशेष व्याख्यान
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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