एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर गुजरात के भुज में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के ‘विश्वगुरु’ बनने के लक्ष्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक देश के अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुसलमानों को उनके संवैधानिक अधिकार और न्याय नहीं मिलता, तब तक भारत का महाशक्ति बनने का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने भुज के मतदाताओं से स्थानीय निकाय चुनावों से पहले समुदाय के भीतर राजनीतिक नेतृत्व को मजबूत करने का आग्रह किया।
भुज कस्बे में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए न्याय और समानता के बिना विश्व स्तर पर अग्रणी बनने संबंधी भारत की परिकल्पना अधूरी रहेगी।
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उन्होंने कहा, ‘‘अगर इस देश को विश्वगुरु या महाशक्ति बनना है, तो यह तब तक संभव नहीं है जब तक भारत के मुसलमानों को उनके अधिकार नहीं मिल जाते।’’
उन्होंने मतदाताओं से भुज नगरपालिका और जिले की विभिन्न तालुका पंचायतों में चुनाव लड़ रहे एआईएमआईएम उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की।
प्रतिद्वंद्वी दलों पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस, आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के साथ मिलकर एआईएमआईएम के बारे में ‘‘झूठ फैला रहे हैं’’। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और संविधान में जनता के विश्वास को सुदृढ़ करना है।
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ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का प्राथमिक उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी लड़ाई उन अधिकारों के लिए है जो संविधान ने देश के हर नागरिक को दिए हैं।
