कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग की ओर से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के किए गए तबादले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
राज्य में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के तुरंत बाद निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया था।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि बड़े पैमाने पर किए गए इन तबादलों से राज्य के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ेगा और निर्वाचन आयोग के आदेशों को निरस्त करने का अनुरोध किया था।
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अगुवाई वाली खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।
