प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राम नवमी के अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और सभी के कल्याण की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि भगवान राम का आशीर्वाद देश को ‘विक्षित’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की ओर मार्गदर्शन करेगा। राम नवमी भगवान राम के जन्म का प्रतीक है, जिन्हें हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के सातवें अवतार के रूप में पूजा जाता है। यह त्योहार नौ दिवसीय चैत्र नवरात्रि के दौरान पड़ता है और सत्य, करुणा और धर्म जैसे मूल्यों पर चिंतन करने का समय है।
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एक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर में मेरे देशवासियों को राम नवमी के अवसर पर असीम शुभकामनाएं। मर्यादा पुरुषोत्तम के त्याग, तपस्या और संयम से भरे जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है कि हम हर परिस्थिति का पूरी शक्ति से सामना करें। उन्होंने आगे कहा कि उनके आदर्श न केवल भारत की जनता बल्कि समस्त मानवता का अनंत काल तक मार्गदर्शन करते रहेंगे। मेरी कामना है कि भगवान राम की कृपा से सभी का कल्याण सुनिश्चित हो और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त हो।
भगवान राम को धर्म, सत्य और कर्तव्य का प्रतीक माना जाता है और उनका जीवन लाखों लोगों को नैतिक आचरण और मूल्यों के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता रहता है। उन्हें अक्सर आदर्श शासक और मनुष्य के रूप में देखा जाता है, जो सद्गुण, अनुशासन और न्याय का प्रतीक हैं। इस अवसर पर, देश भर के मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रार्थना करने और अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए। इन अनुष्ठानों में आमतौर पर उपवास, भक्ति गीत, रामायण पाठ और धार्मिक जुलूस शामिल होते हैं।
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आज सुबह प्रधानमंत्री ने चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन, जो देवी महागौरी को समर्पित है, की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि मां महागौरी के चरणों में लाखों प्रणाम! उनकी दिव्य आभा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति करे। महागौरी, जो नवरात्रि के दौरान महा अष्टमी पर पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का आठवां रूप हैं, पवित्रता, शांति और कृपा का प्रतीक हैं। परंपरागत रूप से उन्हें तेजस्वी श्वेत रंग में बैल पर सवार दिखाया जाता है और ऐसा माना जाता है कि वे पापों को धोकर भक्तों को शांति, समृद्धि और कल्याण का आशीर्वाद देती हैं।
