पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी संघर्ष अब एक निर्णायक और विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर स्थित सैन्य ठिकानों को बमबारी कर पूरी तरह नष्ट कर दिया है। खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि सैन्य ठिकानों के बाद अब द्वीप के तेल बुनियादी ढांचे (Oil Infrastructure) को भी निशाना बनाया जा सकता है। इस हमले का सीधा उद्देश्य ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ना है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर स्थित ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। खार्ग द्वीप पर ईरान के तेल निर्यात का मुख्य टर्मिनल स्थित है।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि द्वीप के तेल बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है। इससे ठीक एक दिन पहले ईरानी संसद के अध्यक्ष ने कहा था कि यदि ऐसा हमला किया गया तो ईरान की ओर से और भी बड़े स्तर की जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
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ईरान की राजधानी में शुक्रवार को एक भीषण विस्फोट हुआ जिससे शहर के केंद्रीय चौक को हिला कर रख दिया। विस्फोट के दौरान वहां हजारों लोग फलस्तीनियों के समर्थन में और इजराइल के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार द्वारा आयोजित वार्षिक रैली में एकत्रित हुए थे।
इजराइल ने चेतावनी दी थी कि वह मध्य तेहरान के इस इलाके को निशाना बनाएगा।
विस्फोट में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि बाद में कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में प्रदर्शन को जारी रखने का निर्णय लिया गया।
ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों पर व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया है। होर्मुज जलडमरुमध्य मार्ग से दुनिया के तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है।
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वहीं, अमेरिकी और इजराइली युद्धक विमान समूचे ईरान में सैन्य और अन्य लक्ष्यों पर बमबारी कर रहे हैं।
‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने ईरान सरकार को गिराए जाने के सवाल पर संयमित रुख अपनाते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जिन लोगों के पास हथियार नहीं हैं, उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती है।’’
उन्होंने ईरान के अर्द्धसैनिक बल बासिज का उदाहरण दिया जिसने हाल में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
