दिल्ली सरकार महिलाओं और ‘ट्रांसजेंडर’ को मुफ्त बस यात्रा तथा एक ही स्मार्ट कार्ड के जरिये विभिन्न सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों तक पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को शुरू किए गए ‘पिंक सहेली’ कार्ड के वितरण के लिए राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 50 केंद्र स्थापित करेगी।
एक बयान के अनुसार, कार्ड जारी करने के लिए जिलाधिकारी कार्यालयों सहित करीब 50 केंद्र तथा दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कुछ चयनित स्थानों को अधिकृत किया जाएगा।
प्रत्येक पिंक कार्ड लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ा होगा, जिससे आयु, लैंगिक पहचान और दिल्ली में निवास होने की पुष्टि की जा सकेगी।
पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां आयोजित एक समारोह में ‘पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ तथा महिलाओं से जुड़ी दिल्ली सरकार की तीन अन्य कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की।
योजना के तहत दिल्ली की निवासी पात्र महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इसके अलावा इस कार्ड का उपयोग दिल्ली मेट्रो और रिजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सशुल्क यात्रा के लिए किया जा सकेगा।
बयान में कहा गया है कि पिंक कार्ड वर्तमान कागज आधारित गुलाबी टिकट का स्थान लेगा।
इससे सार्वजनिक परिवहन अधिक सुलभ, प्रौद्योगिकी-आधारित और सुरक्षित बनेगा।
इस कार्यक्रम के तहत तीन प्रकार के कार्ड जारी किए जाएंगे पात्र महिला के लिए पिंक, सामान्य यात्रियों के लिए ‘ब्लू’ और मासिक पास के लिए ‘ऑरेंज’ कार्ड होंगे। पहले चरण में ‘पिंक’ और ‘ब्लू’ कार्ड जारी किए जाएंगे, जबकि ‘ऑरेंज’ कार्ड बाद में लाया जाएगा।
डीटीसी ने कार्ड जारी करने के लिए ‘हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड’ (मुफिनपे) और ‘एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड’ को अधिकृत किया है। ये कार्ड राष्ट्रीय राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में मौजूदा स्वचालित किराया वसूली प्रणाली से एकीकृत होंगे।
पिंक कार्ड सरकार के खर्च पर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
