केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बारे में ‘झूठ फैलाने’ के लिए विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने किसानों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है।
चौहान ने आईसीएआर-आईएआरआई के 64वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के अलावा यूरोपीय संघ एवं अन्य देशों के साथ हुए सभी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) भी देश के हित में किए गए हैं।
किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ (ईयू) और अन्य देशों के साथ हुए सभी एफटीए देश के हित में हैं। अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौता भारत के हित में है और इसमें पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा गया है।’’
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का परोक्ष उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग किसान हितों के मुद्दे पर ‘हंगामा’ कर रहे हैं। चौहान ने कहा, ‘‘वे हंगामा कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हमें लूट लिया गया है। हम बर्बाद हो गए हैं। सब कुछ बर्बाद हो गया है। देश बिक गया है।’’
उन्होंने कहा कि वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ‘वे किसानों की ताकत बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
विपक्ष झूठ फैला रहा है
कृषि मंत्री ने विपक्ष पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, वे झूठ बोल रहे हैं। वे झूठ खाते रहते हैं, झूठ पीते रहते हैं, झूठ के साथ उठते हैं, झूठ के साथ सोते हैं और झूठ फैलाते रहते हैं। उन्होंने झूठ की दुकान खोल ली है। झूठ के पंजे फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा, लेकिन आज इस स्थापित मंच से, मैं अपने देशवासियों और किसानों से कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत के किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते में गेहूं, मक्का, चावल, सोयाबीन और मोटे अनाज जैसी किसी भी प्रमुख फसल के मामले में ऐसी कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है जिससे घरेलू उत्पादकों को नुकसान हो, जबकि डेयरी और पोल्ट्री जैसे संवेदनशील क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा, हमारा पक्का लक्ष्य वर्ष 2047 तक ‘नंबर वन’ अर्थव्यवस्था बनना है। हम जो भी कदम उठाएंगे, वह उस ऐतिहासिक मील के पत्थर की ओर मजबूती से बढ़ेगा।
समारोह में कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी, आईसीएआर के महानिदेशक एम एल जाट और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
