इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के एनएसएस सेल एवं डिपार्टमेंट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज़ ने “मेरा युवा भारत” (दक्षिण-पश्चिम जिला) के सहयोग से मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को “ट्राइबल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम” का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय युवाओं को करियर जागरूकता, उच्च शिक्षा में प्रवेश से संबंधित मार्गदर्शन, उद्यमिता के अवसरों की समझ तथा प्रभावी संचार कौशल के माध्यम से सशक्त बनाना था। कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई थी कि प्रतिभागियों को आवश्यक ज्ञान, आत्मविश्वास एवं व्यावहारिक कौशल प्राप्त हो सकें, जिससे वे अपने शैक्षणिक एवं करियर संबंधी निर्णय विवेकपूर्ण ढंग से ले सकें।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के सम्मान समारोह के साथ हुई, जो ज्ञान, प्रबोधन और सामूहिक विकास का प्रतीक रहा। इसके पश्चात, औपचारिक सत्र की शुरुआत संस्थान निदेशक प्रो. (डॉ.) रचिता राणा के स्वागत संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए समावेशी शिक्षा और युवा सशक्तिकरण के प्रति आईआईटीएम की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम को प्रेरणादायक दिशा प्रदान करते हुए, डॉ. गोपाल सिंह लटवाल ने मोटिवेशनल ओरिएंटेशन सत्र में शिक्षा, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों के छात्रों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्हें दृढ़ संकल्प और आजीवन सीखने के माध्यम से बाधाओं को पार करने के लिए प्रेरित किया।

इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए, सुश्री दिव्या गुप्ता द्वारा करियर पाथवेज अवेयरनेस पर एक विस्तृत सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों को शैक्षणिक, व्यावसायिक और सरकारी रोजगार के विभिन्न विकल्पों से अवगत कराया गया। इसके बाद, डॉ. दीपाली सलूजा ने कॉलेज एडमिशन एवं री-एंट्री गाइडेंस सत्र के दौरान प्रवेश प्रक्रियाओं, पात्रता मानदंडों, ओपन यूनिवर्सिटी और छात्रवृत्तियों की जानकारी देकर उच्च शिक्षा तक पहुँच की प्रक्रिया को सरल रूप में समझाया।

शैक्षणिक विकल्पों के साथ-साथ, कार्यक्रम में स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
छात्रों को उपयुक्त करियर चयन में सहायता देने के उद्देश्य से, डॉ. सोनम अरोड़ा ने साइकोमेट्रिक अवेयरनेस एवं सेल्फ-डिस्कवरी सत्र आयोजित किया, जिसमें अभिरुचि, योग्यता, व्यक्तित्व और करियर संरेखण पर प्रकाश डाला गया। इस सत्र से प्रतिभागियों को अपनी क्षमताओं और संभावित करियर विकल्पों को समझने में सहायता मिली।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू संचार कौशल विकास भी रहा। डॉ. लतिका मल्होत्रा ने कम्युनिकेशन एवं स्पीकिंग स्किल्स पर सत्र में आत्म-परिचय, बॉडी लैंग्वेज और आत्मविश्वास जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।


कार्यक्रम को और अधिक समृद्ध बनाते हुए, डॉ. सुनीता रवि के मार्गदर्शन में कॉलेज छात्रों के साथ पीयर इंटरैक्शन सत्र आयोजित किया गया। बीसीए, बीबीए, बी.कॉम (ऑनर्स), बीएजेएमसी और ईडी सेल के छात्र प्रतिनिधियों ने कॉलेज संस्कृति, अनुशासन और शहरी अनुभवों पर अपने विचार साझा किए, जिससे प्रतिभागियों को उच्च शिक्षा के वास्तविक अनुभवों से जुड़ने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का समापन डॉ. अमिता पठानिया के वैलेडिक्टरी संबोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने दिनभर की प्रमुख सीखों को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए छात्रों को अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन में लक्ष्य-केन्द्रित, आत्मविश्वासी और प्रतिबद्ध बने रहने के लिए प्रेरित किया।


समग्र रूप से, ट्राइबल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम आईआईटीएम की ओर से शैक्षणिक समावेशन, कौशल विकास और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ, जिसने जनजातीय युवाओं के लिए आकांक्षा और अवसर के बीच की दूरी को प्रभावी रूप से कम किया। इस अवसर पर
प्रो. डॉ. गणेश वाधवानी , उप निदेशक, आईआईटीएम , प्रो डॉ रमनदीप कौर (हेड एनएसएस सेल एवं आईक्यूएसी) और संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे |
