सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक होगी। इस बार 12वीं के 17 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की कॉपियां ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जांची जाएंगी। मतलब ये कि इन्हें डिजिटल तरीके से जांचा जाएगा। इसके लिए हर छात्र की सभी उत्तरपुस्तिकाओं के हर पन्ने को परीक्षा केंद्र में ही स्कैन करके कंप्यूटर सिस्टम में अपलोड किया जाएगा। करीब 1 करोड़ कॉपियों के लगभग 32 करोड़ पन्ने स्कैन करके अपलोड होंगे। परीक्षक इन डिजिटल कॉपियों की जांच करके ही नंबर देंगे। 10वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की चेकिंग पहले की तरह कागज पर ही होगी। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के मुताबिक इस नई व्यवस्था से उत्तर पुस्तिकाओं के ट्रांसपोर्ट में लगने वाला समय और खर्च बचेगा। शिक्षक अपने स्कूल में रहते हुए ही मूल्यांकन कर सकेंगे, बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनाने के मकसद से बोर्ड ने यह प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है। नए नियम पर CBSE का कहना 7 चरण में जानें होगी ऑनस्क्रीन मार्किंग कंप्यूटर लैब अनिवार्य, शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी स्कूल में कंप्यूटर लैब अनिवार्य है। लेटेस्ट इंटरनेट ब्राउजर, एडोब रीडर, कम से कम 2 एमबीपीएस की स्थिर इंटरनेट स्पीड, निर्बाध बिजली सुनिश्चित करनी होगी। वहीं, सभी ओएसिस आईडी वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण मिलेगा। कई बार ड्राई रन होंगे। समस्या समाधान के लिए कॉल सेंटर बनाए जा रहे हैं। बोर्ड निर्देशात्मक वीडियो भी जारी कर रहा। ……………… CBSE से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE 10वी-12वीं एग्जाम के मॉडल पेपर: परीक्षा की तैयारी के लिए Arihant Publications के पेपर डाउनलोड और प्रैक्टिस करें CBSE बोर्ड 12वीं और 10वीं की सेशन 1 परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हो रही है। एग्जाम की सबसे सटीक तैयारी के लिए सभी मेजर सब्जेक्ट्स के मॉडल पेपर्स नीचे दिए गए हैं। सभी मॉडल पेपर्स Arihant Publications के एक्सपर्ट्स ने तैयार किए हैं। इन्हें बोर्ड एग्जाम के पैटर्न पर ही तैयार किया गया है। आप इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं, शेयर कर सकते हैं और अटेम्प्ट कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
सीबीएसई 12वीं की एक करोड़ कॉपियां डिजिटल जांचेगा:32 करोड़ पन्ने स्कैन होंगे, इसके बाद रिजल्ट; 12वीं बोर्ड एग्जाम 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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