उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने मंगलवार को टीईटी, टीजीटी, पीजीटी और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। यह निर्णय आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
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आयोग की ओर से 20 जनवरी 2026 को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सहायक आचार्य, प्रवक्ता (PGT), प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) की परीक्षाएं अलग-अलग तिथियों में आयोजित की जाएंगी।
आयोग के जारी कार्यक्रम के मुताबिक सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) की परीक्षा 18 और 19 अप्रैल 2026 (शनिवार-रविवार) को आयोजित की जाएगी। इसके बाद प्रवक्ता (PGT) भर्ती परीक्षा (विज्ञापन संख्या-02/2022) 9 और 10 मई 2026 को कराई जाएगी। वहीं सहायक अध्यापक/टीजीटी (विज्ञापन संख्या-01/2022) की परीक्षा 3 और 4 जून 2026 को प्रस्तावित है।
इसके अलावा यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) 2026 का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी परीक्षाएं निर्धारित सुरक्षा मानकों, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई जाएंगी।
पहले स्थगित परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट आयोग ने बताया- 16 और 17 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) की परीक्षा को पहले प्रशासनिक कारणों से स्थगित कर दिया गया था। अब उस परीक्षा को नए सिरे से अप्रैल 2026 में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा से संबंधित परीक्षा केंद्र, पाली और प्रवेश पत्र की जानकारी उम्मीदवारों को अलग से समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।
आवेदन और सूचना वेबसाइट पर सहायक आचार्य भर्ती से संबंधित विषयवार आवेदन और परीक्षा की विस्तृत सूचना आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं यूपी टीईटी 2026 के लिए भी अलग से विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
अभ्यर्थियों में बढ़ी तैयारी की रफ्तार परीक्षा कैलेंडर जारी होने के बाद लाखों अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने का मौका मिल गया है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों में इस घोषणा के बाद उत्साह देखा जा रहा है। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

21 जनवरी 2022 को हुई थी टीईटी की परीक्षा इसके पहले यूपी टीईटी की परीक्षा 28 नवंबर 2021 को लीक हो जाने के कारण निरस्त कर दी गई थी। काफी जद्दोजहद के बाद यह परीक्षा 21 जनवरी 2022 को कराई गई थी। इसके बाद से अभी तक यह परीक्षा नहीं हो सकी थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा के इंतजार में हैं।
आयोग ने कुछ महीने पहले ही 29 और 30 जनवरी 2025 को इस परीक्षा कराने की तिथि घोषित कर दी। लेकिन आयोग की अध्यक्ष रहीं प्रो. कीर्ति पांडेय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नए अध्यक्ष की नियुक्ति में समय लगने के कारण यह परीक्षा फिर से फंस गई। वहीं आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में प्रशांत कुमार ने चार्ज लिया। इसके बाद हुई पहली बैठक में ही इस पर निर्णय लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- बिना TET पास शिक्षक योग्य नहीं

1 सितंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु और महाराष्ट्र में टीचिंग के लिए TET की अनिवार्यता से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। मामले को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह सुन रहे थे।
इसके बाद उन्होंने फैसला दिया- जिन टीचर्स की नौकरी को 5 साल से ज्यादा बचे हैं, उन्हें टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट क्वॉलिफाई करना जरूरी होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो उन्हें इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेना होगा।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पूरे देश में करीब 10 लाख टीचर प्रभावित हुए। अकेले यूपी में 2 लाख शिक्षकों पर असर पड़ा। कोर्ट ने अपने इस निर्देश में कहा कि माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशंस पर यह फैसला लागू होगा या नहीं, इसका फैसला बड़ी बेंच करेगी।
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1992 में प्राइमरी स्कूल के शिक्षक अब्दुल मजीद की मौत हो गई। उनके बेटे अब्दुल राशिद को मृतक आश्रित पर नौकरी मिली। 20 साल के अब्दुल 12वीं पास थे। उस वक्त शिक्षक बनने के लिए 12वीं पास ही न्यूनतम अर्हता थी। अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है कि सभी सरकारी शिक्षकों को 2 साल में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। अगर 2 साल में पास नहीं कर पाते, तो नौकरी से बाहर कर दिया जाएगा। 53 साल के अब्दुल राशिद ने ग्रेजुएशन भी नहीं किया है। ऐसे में वह दुविधा में हैं कि क्या किया जाए? पढ़ें पूरी खबर…
