ठाणे, सात नवंबर महाराष्ट्र में ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने 10 साल की बच्ची से तीन साल तक बार-बार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के मामले में 65 वर्षीय व्यक्ति को प्राकृतिक तरीके से मृत्यु होने तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कल्याण अदालत के विशेष न्यायाधीश लक्ष्मीकांत ए बिदवई ने शुक्रवार को कहा कि एक आवासीय सोसाइटी में चौकीदार के रूप में काम कर रहे उत्तम निकाल्जे ने सालों तक अपराध किया। अदालत ने उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और पीड़िता को वित्तीय मुआवजा देने का निर्देश दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़ित बच्ची डोंबिवली की एक आवासीय सोसाइटी में रहती थी जहां आरोपी काम करता था। उसने कहा कि आरोपी बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर इमारत की छत पर ले जाता था और उसका यौन शोषण करता था। उसने बच्ची को इस बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
यह सिलसिला 2017 में शुरू हुआ था और इसका पता तब चला जब कचरा इकट्ठा करने वाले कुछ लोगों ने क्रांतिनगर में एक कचरापेटी के पास काले कपड़े में लिपटा हुआ मृत नवजात देखा। मामला दर्ज कर लिया गया और जांच करने पर पता चला कि दुष्कर्म पीड़िता ने उसे जन्म दिया था। आगे की जांच में पूरे घटनाक्रम का पता चला और पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
