नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने पिछली तिमाही के दौरान 569 निरीक्षण किए और दवाओं से जुड़े 272 उल्लंघन के मामले पकड़े, जिनमें से 86 मामले लत पैदा करने वाली और मनःप्रभावी दवाओं से जुड़े थे। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। दिल्ली सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, विभाग ने 433 कानूनी नमूनों का परीक्षण किया और 43 नमूने एकत्र किए, जिनमें से 26 को जाली घोषित किया गया।
एक अन्य कार्रवाई में विभाग ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के साइबर प्रकोष्ठ के साथ मिलकर दरियागंज में छापेमारी की और 13.29 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध अवैध दवाएं जब्त कीं। सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए, एक संयुक्त टीम ने पदम चंद मार्ग पर टी-पॉइंट के पास छापेमारी की और वैगन-आर कार में सवार एक व्यक्ति को पकड़ा, जिसके पास से तीन दवाओं बायो-डी3 प्लस , वोवेरान एसआर 100 और एमरिल एमवी 2 एमजी के पांच कार्टन बरामद किए गए। आरोपी व्यक्ति वैध दवा लाइसेंस, खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड या अन्य प्रासंगिक दस्तावेज पेश करने में विफल रहा।
इसके आलावा वोवेरान एसआर 100 के डिब्बे के अंदर रखी पट्टियों पर बैच संख्या, निर्माण व एक्सपायरी तिथि तथा अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) जैसे आवश्यक विवरण दर्ज नहीं थे, जिससे उनकी सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
