ठंड के मौसम में अक्सर प्यास कम लगती है। दिन भर में दो-तीन गिलास पानी और कुछ कप चाय, बस। ऊपर से ठंडे बाथरूम में जाने का मन नहीं करता, तो पेशाब भी देर तक रोक लेते हैं। ये दोनों आदतें मिलकर यूरिन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ा सकती हैं, खासकर उन महिलाओं में ज्यादा खतरनाक है, जिन्हें यह पहले भी बार-बार हो चुका है। पानी बढ़ाने से इसका खतरा घटता है, यह एक शोध में भी देखा गया है।
पानी और यूटीआई का क्या है संबंध
ज्यादातर यूटीआई आंतों के बैक्टीरिया के मूत्रमार्ग से मूत्राशय तक पहुंचने से होते हैं। ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा एनएचएस के मुताबिक महिलाओं में मूत्रमार्ग छोटा होता है, इसलिए उन्हें यह संक्रमण ज्यादा होता है। एनएचएस कम पानी पीने और मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने को भी इसकी वजहों में गिनता है।
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इसे आसान भाषा में समझिए, जब आप कम पानी पीती हैं, तो पेशाब कम बनता है और कम बार जाना पड़ता है। बैक्टीरिया को बाहर निकलने का मौका कम मिलता है।
क्या सर्दियों में यूटीआई सच में ज्यादा होता है?
अमेरिका के अस्पतालों के आंकड़ों पर हुए एक अध्ययन में यूटीआई से भर्ती होने के मामले गर्मियों में ज्यादा और सर्दियों में कम मिले थे। यानी उन आंकड़ों में सर्दी कोई खास मौसम नहीं निकली।
लेकिन अगर ठंड में आपका पानी आधा रह जाता है और आप घंटों पेशाब रोककर रखती हैं, तो आपके लिए खतरा बढ़ सकता है।
सर्दियों की इन आदतों पर दें ध्यान
प्यास न लगने पर भी पानी न पीना सबसे आम आदत है। एक बोतल पास रखें और उसे दिन में दो-तीन बार भरें। ठंडा पानी अच्छा न लगे, तो गुनगुना पानी पिएं।
ठंडे बाथरूम या ऑफिस में बार-बार उठने के झंझट से पेशाब रोकने की आदत भी छोड़ें। जब जरूरत लगे, तब जाएं और मूत्राशय पूरी तरह खाली करें।
कई परतों वाले कपड़े, टाइट लेगिंग या सिंथेटिक इनर पहनने से उस हिस्से में नमी बनी रह सकती है। एनएचएस सूती अंडरवियर पहनने और उस हिस्से को साफ और सूखा रखने की सलाह देता है।
टॉयलेट के बाद आगे से पीछे की ओर पोंछें, शारीरिक संबंध के बाद पेशाब करें, और खुशबू वाले साबुन से बचें।
किन लक्षणों पर ध्यान दें
पेशाब में जलन या दर्द, बार-बार और अचानक पेशाब की जरूरत लगना, रात में कई बार उठना, पेशाब का धुंधला होना या उसमें खून आना, और पेट के निचले हिस्से में दर्द, ये यूटीआई के आम लक्षण हैं।
कब डॉक्टर के पास जाएं
तेज बुखार हो, कंपकंपी लगे या कमर में पसलियों के नीचे दर्द हो, क्योंकि यह किडनी तक संक्रमण का संकेत हो सकता है।
आप गर्भवती हैं, आपको डायबिटीज है या 48 घंटे में लक्षण ठीक न हों।
छह महीने में दो बार या साल में तीन बार यूटीआई हो चुका हो। एनएचएस इसे बार-बार होने वाला संक्रमण मानता है, और इसकी जांच जरूरी है।
– मिताली जैन
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
