चंडीगढ़, तीन नवंबर हरियाणा विधानसभा ने राज्य के गठन के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित संविधान पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत पंचकूला में जनप्रतिनिधियों का एक सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में हरियाणा की विकास यात्रा, मौजूदा चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस पखवाड़े का उद्देश्य 1966 में हरियाणा राज्य के गठन के बाद से राज्य की प्रगति पर चर्चा करना और उसे पूर्ण विकसित राज्य बनाने की दिशा में आगे की राह तय करना है।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने सोमवार को सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य जनभागीदारी को बढ़ावा देना, जागरूक समाज के निर्माण में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका को रेखांकित करना और आत्मनिर्भर एवं विकसित हरियाणा के लिए कार्ययोजना तैयार करना है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित करीब 21 जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
कल्याण ने कहा कि चर्चा के दौरान पिछले छह दशकों में हरियाणा के विकास, पूर्व मुख्यमंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के योगदान तथा राज्य की मौजूदा प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन सभी जनप्रतिनिधियों का अंतिम उद्देश्य समाज, राज्य और देश का कल्याण होना चाहिए। हरियाणा विधानसभा में पिछले दो वर्षों के दौरान किए गए डिजिटल और विधायी सुधारों का उल्लेख करते हुए कल्याण ने कहा कि विधायकों और विधानसभा के अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण सत्र और कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि विधायी संस्थाओं को अपने अनुभव और बेहतर कार्यप्रणालियां साझा करने के लिए एक साझा मंच पर आना चाहिए। कल्याण ने कहा कि विकास को केवल भौतिक बुनियादी ढांचे के निर्माण से नहीं मापा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब समाज के हर वर्ग को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति समान रूप से जागरूक बनाया जाए।
समापन सत्र में धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए विधानसभा के उपाध्यक्ष कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि 1966 से 2026 तक हरियाणा की यात्रा केवल छह दशकों का सफर नहीं, बल्कि संघर्ष, कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और सामूहिक संकल्प की कहानी है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किसानों, सैनिकों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं का योगदान रहा है। मिड्ढा ने कहा कि हरियाणा ने अपने लोगों की मेहनत और प्रतिभा के दम पर देश के विकास में अपनी अलग पहचान बनाई है और इसमें जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
