अयोध्या (उप्र), दो नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। उत्तर प्रदेश में 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद से अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है और इस बार दसवें दीपोत्सव की व्यापक तैयारियां की गई हैं। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को दीपोत्सव-2026 की तैयारियों को लेकर श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित पीएफसी सभागार में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
उन्होंने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को दीपोत्सव के भव्य आयोजन में कोई कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आने वाले किसी भी श्रद्धालु, अतिथि या पर्यटक को असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी तालमेल से समय पर तैयारियां पूरी करें। बैठक में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से दीपोत्सव की तैयारियों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने अति विशिष्ट अतिथियों, साधु-संतों और अन्य गणमान्य लोगों के आगमन के दौरान उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने देश-विदेश से दर्शन, पूजा और पर्यटन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं तथा अन्य लोगों के लिए भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आयोजन के दौरान पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा सहित सभी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने दीपोत्सव को जनभागीदारी वाला उत्सव बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अयोध्या के लोगों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाकर इस आयोजन में भाग लेने की अपील की। बैठक में जनप्रतिनिधियों और मंडलायुक्त सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। रामकथा पार्क के पास बने हेलीपैड पर उनका हेलीकॉप्टर उतरा, जहां जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे रामकथा पार्क पहुंचे और दीपोत्सव से जुड़े विभिन्न कार्यों का मौके पर निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को आयोजन भव्य, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए।
