कोट्टायम/पत्तनमथिट्ठा, दो नवंबर केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने जुलाई में अडूर थाने में एक यूट्यूबर पर हुए हमला मामले में लापरवाही के आरोपों पर सोमवार को पुलिस का जोरदार बचाव किया। चेन्निथला ने पुलिस का यह बचाव ऐसे समय में किया है, जब कांग्रेस की एक महिला नेता के अडूर थाने में दाखिल होने और यूट्यूबर राजन जोसेफ से बहस करने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस की तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई है और घटना वाले दिन ही मामला दर्ज कर लिया गया था।
उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्तनमथिट्ठा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से रिपोर्ट मंगाने के लिए कहा गया है और इसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। चेन्निथला ने पत्रकारों से कहा, ‘‘कोई चूक नहीं हुई है। उसी दिन मामला दर्ज कर लिया गया था।
एक-दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है और कई अन्य लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। कानून अपना काम करेगा।’’
घटना के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि जब थाने के बाहर हंगामा हो रहा था तो पुलिस वहां मौजूद सभी लोगों की पहचान कैसे कर सकती थी। उनकी यह टिप्पणी घटना में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच आई है।
शनिवार को टीवी चैनलों पर एक सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया, जिसमें श्रीना देवी कुंजम्मा के नेतृत्व में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक समूह अडूर थाने में घुसता हुआ दिख रहा है। इसी थाने के हवालात में यूट्यूबर जोसेफ बंद थे। फुटेज में कांग्रेस की जिला पंचायत सदस्य कुंजम्मा भी दिख रही हैं, जिन्होंने जोसेफ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
वीडियो में वह थाने के अंदर जाकर जोसेफ से बहस करती नजर आ रही हैं। जोसेफ को जुलाई में कुंजम्मा की शिकायत के बाद अडूर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कुंजम्मा ने आरोप लगाया था कि जोसेफ ने सोशल मीडिया पर उनके बारे में मानहानिकारक सामग्री पोस्ट की थी।
घटना 11 जुलाई को हुई थी, जब कोच्चि में गिरफ्तारी के बाद जोसेफ को थाने लाया गया था। पुलिस ने बाद में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित करीब 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इन लोगों पर जोसेफ को थाने लाये जाने के दौरान उन पर हमले की कोशिश करने का आरोप है।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने कुंजम्मा और युवा कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इनमें कांग्रेस कार्यकर्ता फेनी नैनन भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्व विधायक राहुल ममकूटाथिल का करीबी बताया जाता है।
माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि थाने के अंदर जोसेफ पर हमला किया गया और उन्हें डराया-धमकाया गया है। बताया जाता है कि माकपा नेताओं ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पुलिस थाने से यह फुटेज हासिल किया था। कुंजम्मा ने स्वीकार किया कि वह रात करीब साढ़े दस बजे अडूर थाने गई थीं और उन्होंने यूट्यूबर को हवालात में फर्श पर बैठे देखा था।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे थोड़ी देर बात की, अपना परिचय दिया और पूछा, ‘भाई, आप ठीक हैं?’’’
नैनन सहित युवा कांग्रेस नेताओं ने किसी भी तरह के हमले की बात से इनकार किया है। नैनन ने एक टेलीविजन चैनल से कहा कि वे जोसेफ की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद केवल विरोध जताने के लिए थाने गए थे और उन्होंने यूट्यूबर के साथ कोई बदसलूकी नहीं की।
