भोपाल, दो नवंबर कांग्रेस ने सोमवार को देवास जिले में एक पुलिस अधिकारी को अवैध शराब से भरे ट्रक के चालक द्वारा कुचले जाने के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में अब माफिया सरकार चला रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। विपक्षी पार्टी के प्रमुख नेताओं ने कहा कि अब केवल बयानबाजी और कार्रवाई के दावों से काम नहीं चलने वाला है, सरकार को शराब तस्करी नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करते हुए जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई करनी होगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार करते हुए इस घटना में कांग्रेस के एक नेता की संलिप्तता का दावा किया और सवाल किया कि अवैध शराब के कारोबार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कहीं विपक्षी दल के प्रदेश कार्यालय के बिजली बिल, पार्टी के धरने-प्रदर्शनों और अन्य खर्चों के लिए तो नहीं किया जा रहा है?
देवास जिले के खातेगांव में सोमवार तड़के अवैध शराब से भरे एक ट्रक के चालक ने फरार होने के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब की तस्करी की सूचना पर पुरी इंदौर-बैतूल राजमार्ग पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पुरी ने जब ट्रक चालक से पूछताछ की, तो पुलिस से बचने के लिए उसने गाड़ी सड़क के डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ा दी जिससे वाहन का पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुजर गया।
उन्होंने बताया कि इस घटना में पुरी गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देवास के खातेगांव में शराब माफियाओं द्वारा थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हत्या प्रदेश की कानून-व्यवस्था की हत्या की खुली घोषणा है।’’
उन्होंने पुरी को श्रद्धांजलि दी, उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दावा किया कि अब प्रदेश की पहचान शराब माफिया, ड्रग्स माफिया, खनन माफिया, भू माफिया और रेत माफिया से हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मध्यप्रदेश में अब माफिया सरकार चला रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है।’’
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक वीडियो साझा करते हुए एक्स पर लिखा कि स्ट्रेचर पर ले जाया जा रहा शव, उस पुलिस अधिकारी का है, जो अवैध शराब का कारोबार रोकने पहुंचा और शराब तस्करों के वाहन ने उसे कुचलकर मार डाला।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह सिर्फ एक पुलिस अधिकारी की हत्या नहीं, प्रदेश में शराब माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के सामने लाज गंवा चुकी, निर्वस्त्र कानून व्यवस्था की मौत का भी पुख्ता सबूत है।’’
उन्होंने सरकारी संरक्षण में शराब के अवैध धंधे के पनपने का दावा करते हुए कहा कि इस घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर फिर से गंभीर सवाल खड़ा किया है और यह राज्य के गृहमंत्री की कार्यशैली पर भी फिर से बड़ा प्रश्न चिह्न है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है। पटवारी ने कहा, ‘‘केवल बयान और कार्रवाई के दावों से काम नहीं चलेगा!
जनता कैसे माने कि आपकी सरकार जिंदा है? तस्करी नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करें और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई भी करें।’’
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बयान में कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन में अब पुलिसकर्मी भी शराब माफियाओं के ट्रक से कुचले जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश की जनता जहरीली शराब पीकर जान गंवा रही है, पुलिसकर्मी शराब माफियाओं के ट्रक का शिकार हो रहे हैं और मुख्यमंत्री मोहन यादव मौन साधे बैठे हैं।
यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।’’
सिंघार ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर शराब माफियाओं पर लगाम कसने में सरकार क्यों नाकाम है? उन्होंने सवाल किया, ‘‘हर बार छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई कर बड़े जिम्मेदारों को क्यों बचाया जाता है और शराब माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है?’’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता इन सवालों का जवाब चाहती है। मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि प्रारंभिक जानकारी में इस मामले के तार सीधे कांग्रेस नेताओं से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि जिस शराब दुकान से इस पूरे मामले के तार जुड़े हैं, उसमें कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल साझेदार हैं। उन्होंने कहा, दुकान के प्रबंधक भूपेंद्र राणा ने पुलिस को इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। सारंग ने यह दावा भी किया कि राहुल जायसवाल कांग्रेस के खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी के करीबी माने जाते हैं।
उन्होंने इससे पहले देवास के अवैध शराब प्रकरण में कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के पुत्र अमन कासलीवाल की कथित संलिप्तता का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे इन मामलों में कांग्रेस नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के नाम सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सवाल किया, अवैध शराब के कारोबार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कहीं कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बिजली बिल, पार्टी के धरने-प्रदर्शनों और अन्य खर्चों के लिए तो नहीं किया जा रहा है? कांग्रेस नेतृत्व को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जबलपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस घटना में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, आरोपी किसी भी दल का हो, किसी भी वर्ग का हो या कितने ही प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखता हो, यदि वह दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। देवड़ा ने कहा कि इस प्रकरण में आबकारी अधिनियम के तहत ऐसी कड़ी धाराएं लगाई जाएंगी, जिनमें आजीवन कारावास और फांसी तक के प्रावधान हैं।
