नयी दिल्ली, दो नवंबर इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विली वॉल्श ने सोमवार को कहा कि कंपनी को कई अवसर दिख रहे हैं और वह विमानन उद्योग की चुनौतियों से निपटेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विमानन कंपनी का ध्यान लागत आधार को बेहतर बनाए रखने पर है। अगस्त में सीईओ का पदभार संभालने के बाद वॉल्श ने पहली बार प्रत्यक्ष रूप से अपनी बात रखी और कहा कि विमानन कंपनी को 2028 की दूसरी तिमाही से चौड़े आकार वाले ए350 विमान मिलने शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की उड़ानों के बाजार में सफल होने के लिए विमानन कंपनी के पास सभी आवश्यक खूबियां हैं। ए350 विमानों में तीन श्रेणियों वाली सीट व्यवस्था होगी। इसमें बिजनेस श्रेणी में पूरी तरह ‘बेड’ बन जाने वालीं 16 सीट के साथ प्रीमियम इकोनॉमी और इकोनॉमी श्रेणी की सीट होंगी।
ईंधन की बढ़ती कीमतों से विमानन कंपनियों की लाभप्रदता प्रभावित होने के बीच वॉल्श ने कहा कि उद्योग के लिए मौजूदा स्थिति चुनौतीपूर्ण है और इंडिगो इन चुनौतियों से निपटेगी। ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव की रणनीति (हेजिंग) के बारे में वॉल्श ने कहा कि फिलहाल इसे शुरू करने की कोई योजना नहीं है। नीति को अंतिम रूप देने के बाद इस विकल्प पर विचार किया जाएगा।
इंडिगो को जुलाई-सितंबर तिमाही में 1,879.1 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। ईंधन की ऊंची लागत और रुपये के मूल्य में गिरावट से उसकी लाभप्रदता प्रभावित हुई थी। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच विमानन कंपनी ने अपनी क्षमता भी घटाई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें जबरदस्त अवसर दिख रहे हैं।’’
नवी मुंबई हवाई अड्डे के बारे में वॉल्श ने कहा कि यह हवाई अड्डा इंडिगो के लिए बड़ा अवसर है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को आंशिक रूप से वहां स्थानांतरित करने का फैसला विमानन कंपनी के हित में लिया गया है। इंडिगो रोजाना 2,100 से अधिक उड़ानें संचालित करती है और उसके पास फिलहाल 400 से अधिक विमानों का बेड़ा है।
डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
