यमन के बंदरगाह शहर अदन के हवाई अड्डे पर शुक्रवार रात दो मिसाइलें गिरी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया।
पिछले 10 दिनों से भी कम समय में हवाई अड्डे पर यह दूसरा हमला है। पुलिस ने बताया कि हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हूती विद्रोहियों ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सऊदी अरब और सऊदी अरब के समर्थन वाली यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार, दोनों को निशाना बनाया है।
अदन में दो दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले, बृहस्पतिवार को हूती विद्रोहियों ने अदन में एक महल परिसर पर हमला किया था, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस महल परिसर में सरकार का मुख्यालय है।
हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाली समाचार एजेंसी ‘सबा’ को समूह के एक अज्ञात सैन्य अधिकारी ने बताया कि विद्रोहियों ने हवाई अड्डे से सटे एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि इस ठिकाने पर विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रही सऊदी अरब के नेतृत्व वाली सेना का अड्डा और हथियारों का भंडार मौजूद है। अधिकारियों के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने इससे पहले सात अक्टूबर को भी हवाई अड्डे पर दो मिसाइलों से हमला किया था हालांकि उस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ था।
यमन सरकार के सूचना मंत्री ने बताया कि इस बार मिसाइलें यमनिया एयरवेज के एक विमान से करीब 500 मीटर दूर गिरीं। उन्होंने बताया कि उस समय विमान उड़ान भरने की तैयारी में था। एक अधिकारी ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि विमान में सवार यात्रियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
यमन के परिवहन मंत्रालय ने इस हमले को महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाने की हूती विद्रोहियों की ‘सुनियोजित साजिश और तनाव बढ़ाने की कोशिश’ करार दिया। मंत्रालय ने बताया कि विद्रोही नागरिकों की जान को खतरे में डालने पर आमादा हैं।
