भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के ‘सत्ता परिवर्तन’ संबंधी बयान को लेकर शुक्रवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधा। नवीन ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने के विपक्ष के ‘दुर्भावनापूर्ण एजेंडे’ को उजागर करती है। नवीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधारों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) या देश के युवाओं के भविष्य के लिए नहीं, बल्कि अराजकता फैलाकर किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करने के लिए है।
उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता परिवर्तन’ (रिजीम चेंज) जैसे शब्दों के इस्तेमाल से विपक्ष का असली एजेंडा देश के सामने स्पष्ट रूप से उजागर हो गया है। विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने का यह कुत्सित प्रयास ‘अर्बन नक्सल’ के एजेंडे का ही हिस्सा है।’’
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से होकर गुजरता है, अराजकता से नहीं। उन्होंने कहा कि देश की जनता और भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देंगी।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच प्रशांत भूषण ने बृहस्पतिवार को ‘सत्ता परिवर्तन’ का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार के खिलाफ असंतोष पैदा करना लोकतंत्र में अपराध नहीं है और यह हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। भूषण ने यहां कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके, छात्र संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि फिलहाल उनका संघर्ष निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए है, लेकिन यदि इसी तरह की बर्बरता जारी रही तो सत्ता परिवर्तन निश्चित रूप से होगा।
भूषण की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत भाजपा के कई नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और लोगों से गुस्सा भड़काने के कथित प्रयासों के झांसे में नहीं आने की अपील की। जोशी ने ‘एक्स’ पर कहा कि जिस तरह की बाहरी साजिशों ने लीबिया, नेपाल और बांग्लादेश को अस्थिर किया, वैसी ही कोशिश भारत की शांति भंग करने के लिए की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के गुस्से का इस्तेमाल अराजकता फैलाने और देश की विकास यात्रा को रोकने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने लोगों से राजनीतिक साजिशों का हिस्सा बनने से बचने और स्थिरता तथा राष्ट्रीय प्रगति के साथ खड़े रहने की अपील की। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने भूषण के संवाददाता सम्मेलन का वीडियो साझा करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘इन चेहरों को पहचानिए।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि जनादेश हासिल करने में असफल राष्ट्रविरोधी ताकतें अब सड़कों के माध्यम से सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रही हैं। शर्मा ने कहा कि देश के लोग मिलकर इन ताकतों का मुकाबला करेंगे और उनकी कथित राष्ट्रविरोधी योजनाओं का जवाब देंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी ‘एक्स’ पर कहा कि ‘सत्ता परिवर्तन’ शब्द का इस्तेमाल विदेशी तत्वों द्वारा अपने हितों के लिए निर्वाचित सरकारों को गिराने के प्रयासों के संदर्भ में किया जाता है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि युवाओं को समझना चाहिए कि कुछ महीने पहले परीक्षा प्रणाली और प्रवेश परीक्षाओं में सुधार की मांग के साथ शुरू हुआ आंदोलन अब राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश का हिस्सा बन गया है।
