देश के शेयर बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ आने जा रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो ने 14 अक्टूबर को कंपनी रजिस्ट्रार के पास अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा कर दिया है। इसके मुताबिक, जियो का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर तक इसमें निवेश के लिए आवेदन किया जा सकेगा। इस सार्वजनिक पेशकश के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी की इस पेशकश पर घरेलू निवेशकों के साथ-साथ दुनिया भर के बड़े निवेशकों की भी नजर है।
इस आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए भी खास व्यवस्था की गई है। उनके लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखे जाएंगे। इसके अलावा, पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर अलग रखे जाएंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए पात्रता तय करने की रिकॉर्ड तारीख 14 अक्टूबर रखी गई है। यानी इस तारीख के आधार पर पात्र निवेशक आरक्षित श्रेणी में आवेदन करने का मौका पा सकते हैं।
गौरतलब है कि रिलायंस जियो अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज के कारोबारी समूह का हिस्सा है। शेयर बाजार में अलग लिस्टेड होने के बाद जियो के कारोबार का मूल्य स्वतंत्र रूप से तय हो सकेगा। इससे निवेशकों को कंपनी के दूरसंचार और डिजिटल कारोबार की स्थिति समझने में मदद मिलेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के कारोबार में दूरसंचार के अलावा खुदरा व्यापार, तेल से रसायन बनाने और नई ऊर्जा जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।
जियो की संभावित कीमत को लेकर भी काफी चर्चा है। पहले आई खबरों के अनुसार, कंपनी का कुल मूल्यांकन करीब 106 अरब डॉलर यानी लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये रखा जा सकता है। शेयर का संभावित मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये बताया गया है। इस आधार पर कंपनी करीब 30,200 करोड़ रुपये जुटा सकती है। हालांकि, अंतिम कीमत की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी। अगर यह पेशकश इसी आकार में आती है, तो यह 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ से भी बड़ी होगी।
फेसबुक की मूल कंपनी मेटा, गूगल, मुबाडाला और सऊदी अरब के सार्वजनिक निवेश कोष जैसे निवेशकों की हिस्सेदारी भी इस पेशकश में बिक्री के लिए नहीं रखी गई है। कंपनी को मिलने वाली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल कर्ज चुकाने या पहले से भुगतान करने में किया जाएगा। बाकी रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च होगी।
मार्च तक जियो के ग्राहकों की संख्या करीब 52.4 करोड़ थी। कंपनी मोबाइल सेवाओं के साथ घरेलू ब्रॉडबैंड, क्लाउड, मनोरंजन, कारोबारी तकनीक और एआई से जुड़ी सेवाएं भी देती है। खबरों के मुताबिक, आईपीओ में संभावित निवेशकों की ओर से 20 अरब डॉलर से अधिक की दिलचस्पी दिखाई गई है। फिडेलिटी, एलियांज और कैपिटल ग्रुप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के नाम भी चर्चा में हैं।
वहीं, गैर-आधिकारिक बाजार में जियो के शेयरों का प्रीमियम करीब 218 रुपये यानी 19% बताया जा रहा है। इसके आधार पर शेयर का अनुमानित भाव 1,337 रुपये बैठता है, लेकिन यह कीमत तय होने या सूचीबद्ध होने की गारंटी नहीं है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर भी इस आईपीओ का असर पड़ सकता है। हालांकि, जियो में रिलायंस की बहुमत हिस्सेदारी बने रहने और बाजार में कम शेयर उपलब्ध होने के कारण कंपनी के वास्तविक मूल्य का लाभ निवेशकों तक कितनी जल्दी पहुंचेगा, यह मांग और लिस्ट होने के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
