कांग्रेस ने बुधवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या वह यह कहना चाहते हैं कि मतदाता सूची से बाहर हुए करीब 14 करोड़ भारतीय नागरिक ‘‘घुसपैठिये’’ हैं ? पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘एसआईआर का लगातार बचाव कर रहे केंद्रीय गृह मंत्री से तीन बेहद सरल और सीधे सवाल हैं : कितने घुसपैठियों की पहचान हुई? कितने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए?
कितने घुसपैठियों को देश से बाहर भेजा गया?’’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि करीब 100 करोड़ भारतीयों को एसआईआर की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है और उन्हें इसके नतीजे जानने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के ‘‘सूत्रधार’’ बार-बार घुसपैठियों का तर्क देकर असल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। रमेश ने एसआईआर को ‘‘शाह इंस्टिगेटेड रिमूवल’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री शाह की ‘‘हताश जोड़ी’’ ने करीब 14 करोड़ भारतीयों को उनके मताधिकार से वंचित कर दिया है।
कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया, ‘‘क्या गृह मंत्री यह कहना चाहते हैं कि ये 14 करोड़ भारतीय घुसपैठिए हैं? क्या गृह मंत्री के तौर पर उनकी निगरानी में देश में घुसपैठियों की संख्या में इतनी भारी बढ़ोतरी हुई है?’’
रमेश की यह टिप्पणी शाह द्वारा एसआईआर का बचाव करने और विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को बचाने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आई है। शाह ने मंगलवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर एसआईआर का विरोध करने के लिए निशाना साधा था और कहा था कि मतदाता सूची में शामिल होने के लिए भारतीय नागरिक होना तथा निर्धारित न्यूनतम आयु पूरी करना आवश्यक है।
