दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को शैक्षणिक एवं तकनीकी शिक्षा की कई परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए शिक्षा को युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी प्रतिभा को निखारने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का आधार बताया। गुप्ता ने ‘सेवा संकल्प’ अभियान के अंतर्गत द्वारका सेक्टर-16बी में नवनिर्मित उच्च माध्यमिक विद्यालय और नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) के पूर्वी परिसर में नवनिर्मित छात्रावास का उद्घाटन किया तथा तीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ‘हाई-टेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की शुरुआत की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में बताया कि इसके अलावा ओखला में जी. बी. पंत इंटीग्रेटेड कॉलेज एवं पॉलिटेक्निक और एनएसयूटी के मुख्य परिसर में ‘एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग लैब’ और ‘फैकल्टी ऑफिस बिल्डिंग’ का शिलान्यास भी किया गया।
गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों में आधुनिक तकनीक, बेहतर आधारभूत संरचना और कौशल विकास सुविधाओं का विस्तार युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है और सरकार का लक्ष्य शिक्षा को व्यावहारिक कौशल से, कौशल को रोजगार से और नवाचार को उद्यमिता से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण केंद्रों, छात्रावासों और बेहतर शैक्षणिक परिसरों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा विकसित करने और नए अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। गुप्ता ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी प्रतिभा को निखारने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का आधार है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक वातावरण, उन्नत तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर एक साथ उपलब्ध हों। बयान के मुताबिक, कौशल प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आईटीआई जहांगीरपुरी, धीरपुर (सर सी.वी. रमन आईटीआई) और नरेला में ‘हाई-टेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का उद्घाटन किया गया। इन केंद्रों में औद्योगिक स्वचालन, ‘इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स’, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, सीएनसी मशीनिंग, रोबोटिक्स, 3डी स्कैनिंग, स्मार्ट एनर्जी, सौर तकनीक और ऊर्जा दक्षता जैसी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ओखला में जी. बी. पंत एकीकृत महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्निक परियोजना के तहत इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, कौशल विकास और अनुसंधान सुविधाओं को एकीकृत परिसर में विकसित किया जाएगा, जिसमें आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय और छात्रावास जैसी सुविधाएं होंगी। बयान में कहा गया है कि द्वारका के सेक्टर-16बी में नवनिर्मित उच्च माध्यमिक विद्यालय में छठी से 12वीं कक्षा तक के 2,000 विद्यार्थियों के पढ़ने की क्षमता है और इस विद्यालय में विज्ञान, वाणिज्यिक एवं कला के विषय उपलब्ध हैं। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार नरेला, हरि नगर और शाहदरा सहित विभिन्न स्थानों पर आईटीआई संस्थानों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित कर रही है ताकि युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण मिल सके।
