पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के कुछ दिन बाद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रविवार को कहा कि भले ही वह पद से हट गए हैं या प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट देने से इनकार कर दें, लेकिन वह राहुल गांधी के सिपाही के रूप में कांग्रेस का झंडा बुलंद करते रहेंगे। लुधियाना से लोकसभा सदस्य वडिंग ने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए पार्टी में कई लोग उनके खिलाफ थे और हो सकता है कि वे आगे भी ऐसा करते रहें। उनकी इस टिप्पणी को प्रदेश इकाई में उनके आलोचकों पर निशाने के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, वडिंग ने कहा कि वह पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह को पूरा समर्थन देंगे। परगट सिंह ने रविवार को कांग्रेस भवन में आयोजित एक समारोह में कार्यभार संभाला, जिसमें पायलट समेत कई अन्य लोग भी शामिल हुए। समारोह से पहले वडिंग ने सेक्टर 15 स्थित पार्टी मुख्यालय के पास सेक्टर 10 में किराये के एक मकान में बैठक की।
इसमें कांग्रेस नेता ब्रह्म मोहिंद्रा, राणा के. पी. सिंह, सुरिंदर डावर, अनिल जोशी, सिमरजीत सिंह बैंस, हरदयाल कंबोज, मालविका सूद और उनके समर्थक शामिल हुए। इस बैठक को वडिंग के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस आलाकमान के 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले नेतृत्व में बदलाव का फैसला करने के बाद, वडिंग ने एक अक्टूबर को पंजाब कांग्रेस प्रमुख का पद छोड़ दिया।
रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए वडिंग ने कहा कि पंजाब में अगली सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर कांग्रेस एकजुट है। उन्होंने कहा, इसके अलावा कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है। राजा वडिंग भले ही पद से हट गया हो, लेकिन मेरा काम पार्टी का झंडा बुलंद रखना है।
बाद में कांग्रेस भवन में आयोजित समारोह में पायलट की मौजूदगी में वडिंग ने कहा कि वह राहुल गांधी के सिपाही हैं। उन्होंने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि कई लोग राजा वडिंग के खिलाफ थे और आगे भी ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मैं किसी का विरोध नहीं कर रहा हूं।
