पुणे, चार अक्टूबर राकांपा (शप) के प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार से एमपीएससी के अभ्यर्थियों के साथ तत्काल बातचीत शुरू करने की रविवार को अपील की, ताकि परीक्षा में पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों को लेकर उनकी शिकायतों का समाधान किया जा सके। पवार ने पत्रकारों से बातचीत में पुणे और मुंबई में छात्रों के बीच व्याप्त बेचैनी का जिक्र किया और कहा कि गतिरोध समाप्त करने के लिए राज्य के नेतृत्व और छात्र संगठनों के बीच सार्थक संवाद आवश्यक है। अभ्यर्थी एमपीएससी के अध्यक्ष को हटाने और परीक्षाओं के संचालन में पारदर्शिता समेत विभिन्न मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) ने तीन अक्टूबर को निर्धारित राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 को स्थगित कर दिया। इससे पहले, आयोग ने कहा था कि मौजूदा परीक्षा प्रणालियों की समीक्षा कर रही एक उच्चस्तरीय समिति ने बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा की है तथा परीक्षा प्रणाली से जुड़ी बेहतर प्रक्रियाओं का भी अध्ययन किया है। पवार ने कहा, ‘‘पुणे, मुंबई और राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में छात्रों के बीच स्पष्ट रूप से बेचैनी का माहौल है।
उन्होंने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष का रास्ता अपनाया है और आंदोलन शुरू किया है। इस अशांति के माहौल को देखते हुए, राज्य सरकार और संबंधित संस्थानों को स्थिति का संज्ञान लेना चाहिए और आगे का रास्ता निकालने के लिए कदम उठाने चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि कुछ छात्र प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की थी और अपनी चिंताओं तथा मांगों से उन्हें अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि सभी कदम उनकी सहमति से उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी हैं, तो दूसरी तरफ छात्र प्रतिनिधि हैं। अगर दोनों के बीच संवाद नहीं होगा, तो समस्या का समाधान नहीं होगा। यदि इस मुद्दे को हल करना है, तो सार्थक बातचीत होना जरूरी है।’’
पवार ने कहा कि उन्होंने आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की है और उनसे आग्रह किया कि नागपुर से मुंबई लौटने के बाद वह तुरंत इस मुद्दे पर ध्यान दें और छात्रों के साथ बातचीत करें।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी और छात्र प्रतिनिधि बातचीत के लिए तैयार हुए, तो मैं भी इसमें शामिल होने और समाधान खोजने में अपना योगदान देने के लिए तैयार हूं।’’
उन्होंने कहा कि सरकार को विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की पहल करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी चिंताओं का समाधान किया जाए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख ने कहा, ‘‘अगर राज्य का प्रमुख पहल करता है, तो छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के प्रयासों में शामिल होना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।’’
पवार ने कहा कि उन्होंने दोनों पक्षों तक अपनी बात पहुंचा दी है और अब वह मुख्यमंत्री के जवाब और फैसले का इंतजार करेंगे।
