गुवाहाटी, तीन अक्टूबर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने तेजपुर विश्वविद्यालय में शास्त्रीय असमिया के अध्ययन के लिए ‘उत्कृष्टता केंद्र’ स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से मिली मंजूरी का स्वागत किया और कहा कि इससे के क्षेत्र में शोध, डिजिटलीकरण और संरक्षण को मजबूती मिलेगी। शिक्षा मंत्रालय ने शास्त्रीय असमिया, बांग्ला, पाली, मराठी और प्राकृत के अध्ययन के लिए पांच ‘उत्कृष्टता केंद्र’ स्थापित करने को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बताया कि इन पांच केंद्रों की स्थापना इन शास्त्रीय भाषाओं में अकादमिक शोध, डिजिटलीकरण, संरक्षण और विरासत के प्रसार को मजबूत करने के लिए की जाएगी।
शर्मा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक ज्ञापन को साझा करते हुए कहा, “असम में, पूरे भारत में और दुनियाभर में रहने वाले हर असमिया के लिए यह गर्व का क्षण है।”
उन्होंने कहा कि असमिया को शास्त्रीय का दर्जा मिलने के बाद राज्य सरकार ने इसके अध्ययन के लिए एक समर्पित केंद्र स्थापित करने को लेकर लगातार प्रयास किए। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह केंद्र हमारी समृद्ध भाषाई और साहित्यिक विरासत के शोध, डिजिटलीकरण, संरक्षण और प्रसार को मजबूत करेगा, ताकि हमारी की गौरवशाली विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।’’
शर्मा ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का आभार व्यक्त किया। इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए तेजपुर विश्वविद्यालय ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि इस केंद्र की स्थापना विश्वविद्यालय में असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक दशक से भी अधिक समय से किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
