रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स अब आईपीओ लाने की तैयारी में काफी आगे बढ़ चुकी है। कंपनी की अंदरूनी तैयारियां लगभग पूरी बताई जा रही हैं और विदेशी निवेशकों से हुई बातचीत में भी अच्छा रुझान सामने आया है। माना जा रहा है कि बाजार की स्थिति अनुकूल रहने पर कंपनी इसी महीने शेयर बाजार में लिस्टेड हो सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक आम निवेशकों के लिए खुल सकता है। इससे पहले 19 अक्टूबर को बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए एंकर बुक खुलने की संभावना है। कंपनी के शेयरों की शेयर बाजार में शुरुआत 28 अक्टूबर को होने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अंतिम तारीख बाजार की स्थिति और वैश्विक हालात को देखते हुए बदल सकती है।
कंपनी से जुड़े लोगों के अनुसार सेबी के साथ जरूरी रेगुलेटरी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और आवश्यक मंजूरियां मिल चुकी हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स ने जून में आईपीओ के लिए मसौदा दस्तावेज जमा किया था। इसके बाद 28 अगस्त को सेबी की अंतिम टिप्पणियां मिलने के साथ आईपीओ के रास्ते की बड़ी बाधा दूर हो गई थी।
आईपीओ के अंतिम मूल्य और कंपनी के मूल्यांकन पर अभी फैसला नहीं हुआ है। निवेशकों से मिले सुझाव और बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आने वाले सप्ताह में कीमत तय किए जाने की संभावना है। कंपनी की कोशिश बताई जा रही है कि आईपीओ में शामिल होने वाले निवेशकों को शुरुआत से ही कंपनी के बढ़ते कारोबार का लाभ मिल सके और लंबे समय में भी उनके निवेश में मूल्य बढ़े।
इस आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम नए शेयर जारी करके जुटाई जाएगी। इसमें से करीब 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के बकाया कर्ज को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने के लिए किया जाएगा। बाकी रकम का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कामकाज से जुड़ी जरूरतों में किया जाएगा।
आईपीओ में आम निवेशकों और बड़े व्यक्तिगत निवेशकों के लिए कुल 50% हिस्सा रखने का प्रस्ताव है। बाकी 50% हिस्सा संस्थागत निवेशकों के लिए होगा। आम निवेशकों के हिस्से में 35% उन लोगों के लिए रखा जाएगा, जो 2 लाख रुपये तक के शेयरों के लिए आवेदन करेंगे। 15% हिस्सा 10 लाख रुपये से ज्यादा और 2 लाख से 10 लाख रुपये के बीच निवेश करने वालों के लिए बांटा जाएगा। संस्थागत हिस्से में एंकर बुक और मुख्य संस्थागत हिस्सा शामिल होगा।
गौरतलब है कि जियो प्लेटफॉर्म्स को केवल दूरसंचार कंपनी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। निवेशकों की नजर इसके मोबाइल नेटवर्क के साथ घरों तक ब्रॉडबैंड, कारोबारी तकनीकी सेवाओं और विदेशों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर भी है। यही वजह है कि कंपनी के कारोबार को डिजिटल सेवाओं के बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है।
जियो प्लेटफॉर्म्स की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम के पास 31 मार्च तक 524.4 मिलियन ग्राहक थे। ग्राहक संख्या के लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है। इनमें 268.5 मिलियन ग्राहक 5जी सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे। कंपनी के अनुसार चीन के बाहर जियो सबसे बड़ा स्वतंत्र 5जी नेटवर्क संचालक भी है।
इसके अलावा जियो के पास करीब 15 मिलियन फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस ग्राहक हैं। कंपनी का दावा है कि चीन के बाहर इस क्षेत्र में उसका आधार दुनिया में सबसे बड़ा है। ऐसे में अब बाजार की नजर आईपीओ की अंतिम कीमत, निवेशकों की मांग और 28 अक्टूबर के संभावित लिस्टेड होने पर बनी हुई है।
