यूपी में आज से दरोगा भर्ती की परीक्षा शुरू हो गई है। परीक्षा दो दिन यानी 14 और 15 मार्च को दो पालियों में कराई जा रही है। CCTV कैमरों से हर अभ्यर्थी की गतिविधि पर नजर रखी गई। परीक्षा में प्रवेश से पहले उम्मीदवारों की कड़ी चेकिंग की जा रही है। वाराणसी में अभ्यर्थियों के जूते उतरवाए गए। कलावा कटवाया गया और बेल्ट भी उतरवाए गए। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी पाली में परीक्षा दोपहर 3 से 5 बजे तक चलेगी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBB) ने सभी 75 जिलों में 1090 सेंटर बनाए हैं। अकेले प्रयागराज जिले में परीक्षा 43 केंद्रों पर दरोगा भर्ती परीक्षा होगी। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 4,543 पदों पर नियुक्ति होगी। भर्ती के लिए 15,75,760 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। परीक्षा से पहले UPPBB ने 3 टेलीग्राम चैनलों पर FIR दर्ज कराई है। इन टेलीग्राम चैनल पर दरोगा भर्ती परीक्षा का पेपर 10 से 12 हजार रुपए में उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा था। लखनऊ में हुसैनगंज थाने की पुलिस ने नकल विरोधी कानून समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश चल रही है। तस्वीरें देखिए… दरोगा भर्ती परीक्षा से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…
यूपी पुलिस की दरोगा परीक्षा में जूते उतरवाए:कलावा काटा, बेल्ट निकलवाए; 3 टेलीग्राम चैनल पर FIR, 75 जिलों में 15 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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