केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसकी सरकार ने असम को घुसपैठियों के हाथों में सौंप दिया है। कामपुर और पलाशबारी में जनसभाओं को संबोधित करते हुए शाह ने दावा किया कि घुसपैठिए गरीबों की जमीन हड़प रहे हैं, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान सहित वन क्षेत्रों पर अतिक्रमण कर रहे हैं और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों से वंचित कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार ने असम भर में कथित अतिक्रमण से लगभग 1.5 लाख एकड़ जमीन मुक्त कराई है।
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शाह ने मतदाताओं से भाजपा को फिर से चुनने का आग्रह करते हुए कहा कि नया जनादेश सरकार को पूरे असम को घुसपैठियों से मुक्त कराने में सक्षम बनाएगा। हिमंता बिस्वा सरमा का समर्थन करते हुए शाह ने मतदाताओं से उन्हें फिर से सत्ता में लाने की अपील की और वादा किया कि सरकार हर एक घुसपैठिए को जड़ से उखाड़ फेंकने के अपने प्रयासों को जारी रखेगी। अपने रुख को दोहराते हुए शाह ने कहा कि घुसपैठ गरीबों के अधिकारों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है और राज्य के युवाओं के लिए अवसरों को सीमित कर रही है।
लपाड़ा जिले के दुधनोई में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी किसी आदिवासी महिला को राष्ट्रपति नहीं बनाया, लेकिन मोदी ने इसे बदल दिया और द्रौपदी मुर्मू भारत की राष्ट्रपति बनीं। उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री हैं और यहां असम में मुख्यमंत्री हैं-दोनों के पास राज्य में आदिवासियों के विकास के लिए एक रोडमैप है। अगर लोग भाजपा को लगातार तीसरी बार जनादेश देते हैं, तो इसे (रोडमैप) आगे बढ़ाया जाएगा।
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी आदिवासी कल्याण की बात नहीं की। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस की सरकारों ने आदिवासियों के विकास पर केवल 25,000 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 11 वर्षों में उनके लिए 1.38 लाख करोड़ रुपये दिए। गृह मंत्री ने ग्वालपाड़ा को ‘मिनी असम’ करार दिया, क्योंकि वहां राभा, बोडो, हाजोंग और कोच सहित कई जनजातियों के लोगों के अलावा आदिवासी चाय बागान श्रमिक रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि केवल भाजपा ही इन लोगों का विकास सुनिश्चित कर सकती है।
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शाह ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासियों को डराने के लिए अफवाहें फैला रही है कि वे यूसीसी से प्रभावित होंगे, लेकिन यह बिल्कुल झूठ है और कोई भी आदिवासी इसके दायरे में नहीं आएगा। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ही वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने आदिवासियों की कला, संस्कृति, भोजन, वस्त्र, संगीत और नृत्य को वैश्विक मंच पर पहुंचाया। उन्होंने कहा कि हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस दी जाएगी। मैं सहकारिता मंत्री के रूप में इसे सुनिश्चित करूंगा।
