कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 27 गेंदों में 54 रन की बेखौफ नाबाद पारी खेलने वाले लखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने कहा कि उन्हें क्रिकेट बनाकर अपने पिता का सपना पूरा करने की खुशी है।
चौधरी की दबाव में खेली गई इस पारी की बदौलत एलएसजी ने रोमांचक मुकाबले में केकेआर को तीन विकेट से हराया।
उन्होंने अपनी पारी में सात छक्के और दो चौके लगाए और आठवें विकेट के लिए आवेश खान के साथ 54 रन की अटूट साझेदारी की, जिसमें आवेश का योगदान सिर्फ एक रन का था।
राजस्थान के इस खिलाड़ी ने प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार लेने के बाद कहा, “मेरा सफर वास्तव में मेरे जन्म से पहले ही शुरू हो गया था। मेरे पिता का सपना था कि उनका बेटा एक दिन क्रिकेट खेले। उस समय हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, इसलिए मैं जल्दी शुरू नहीं कर सका। मैंने लगभग 12-13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ उस समय ज्यादा अकादमियां नहीं थीं। मेरे घर के पासएसबीसी क्रिकेट अकादमी नाम की नई अकादमी खुली थी, और मैंने वहां लगभग पांच-छह साल प्रशिक्षण लिया। उसके बाद मैं जयपुर चला गया, क्योंकि अगर आप उच्च स्तर पर खेलना चाहते हैं तो आगे बढ़ना पड़ता है। पिछले चार साल से मैं जयपुर में प्रैक्टिस कर रहा हूँ।”
चौधरी ने बताया, “मैं उत्तर प्रदेश के खिलाफ अंडर-19 का मैच खेल रहा था और मैंने कम स्कोर वाले मैच में रन बनाए थे। तभी मेरे पिता को लगा कि मैं बड़ा क्रिकेटर बन सकता हूं। वह मेरा केवल दूसरा ही मैच था।”
बल्लेबाजी के दौरान दबाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “दबाव हमेशा रहता है। लेकिन मैं सोचता हूं कि भगवान ने मुझे यह अवसर दिया है, इसलिए मैं अपनी क्षमता पर भरोसा करता हूं। यह मौका है जहां आप कुछ बड़ा कर सकते हैं या नाम कमा सकते हैं। इसलिए मैं दबाव की बजाय अवसर पर ध्यान देता हूं।
मैं आखिरी गेंद तक खेलना चाहता था। मुझे अपने ऊपर इतना भरोसा है कि अगर मैं अंत तक नाबाद रहूंगा, तो टीम को जीत दिला सकता हूं।”
अपनी पारी में सात छक्के लगाने वाले चौधरी ने अपने पहले छक्के को बेहद खास बताया।
उन्होंने कहा, “मैंने दो मैचों से छक्का नहीं लगाया था, इसलिए आज जो पहला छक्का लगाया, वह मेरे लिए खास था। हेलीकॉप्टर छक्का भी अच्छा था, लेकिन पहला छक्का सबसे खास रहा। मैंने सोचा था कि भले ही गेंदबाज चार परफेक्ट गेंदें डालें, कम से कम एक ऐसी गेंद होगी जिस पर मैं मैच का छक्का मार सकता हूं।
