कई दिनों से चल रही सियासी अटकलों और सस्पेंस पर शुक्रवार को आखिरकार विराम लग गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर युवा नेता और तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से अपना नाता तोड़ लिया है। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया है। अन्नामलाई दोपहर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने इस बड़े फैसले और भविष्य की राजनीतिक योजनाओं का खुलासा करेंगे। पार्टी द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया “भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, माननीय श्री नितिन नबीन ने तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री के. अन्नामलाई द्वारा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिए गए इस्तीफ़े को स्वीकार कर लिया है।”
यह घटनाक्रम पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई के दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नबीन से मुलाक़ात करने के एक दिन बाद हुआ है। ख़बरों के मुताबिक, BJP के शीर्ष नेतृत्व ने अन्नामलाई से अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था।
BJP के साथ अन्नामलाई का जुड़ाव
अन्नामलाई IPS अधिकारी का पद छोड़ने के बाद 2020 में BJP में शामिल हुए थे। अपने समर्थकों के बीच ‘सिंघम’ के नाम से मशहूर इस पूर्व IPS अधिकारी को 2021 में BJP की तमिलनाडु यूनिट का प्रमुख बनाया गया था। उन्होंने एल. मुरुगन की जगह ली थी, जिन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया था।
तब से BJP में अन्नामलाई का कद बढ़ता गया। उनके नेतृत्व में BJP ने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के साथ अपने संबंध भी तोड़ लिए थे, लेकिन बाद में तमिलनाडु में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के लिए फिर से उनके साथ गठबंधन कर लिया।
क्या होगा अगला कदम? (सियासी मायने)
बड़ा सवाल: तमिलनाडु की राजनीति में हमेशा ‘द्रविड़ियन पॉलिटिक्स’ का दबदबा रहा है। ऐसे में अन्नामलाई ने राष्ट्रवाद और भ्रष्टाचार विरोधी छवि के दम पर बीजेपी के लिए एक जमीन तैयार की थी। अब उनके इस्तीफे के बाद तमिलनाडु बीजेपी में नेतृत्व का एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें अब दोपहर में होने वाली उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं। क्या वे अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे, किसी क्षेत्रीय दल में शामिल होंगे या फिर कुछ समय के लिए राजनीति से ब्रेक लेंगे? इसका जवाब जल्द ही सामने आ जाएगा।
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