अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर अपना ताजा आकलन पेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में न केवल विकास की गति तेज होगी, बल्कि बेरोजगारी दर में भी गिरावट आने की उम्मीद है। हालांकि, आईएमएफ ने बढ़ते सरकारी कर्ज और संरक्षणवादी व्यापार नीतियों को लेकर कड़ी चेतावनी भी जारी की है।
आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में अमेरिकी अर्थव्यवस्था का समग्र आकलन पेश किया है। 191 देशों के संगठन का विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बारे में आकलन मोटे तौर पर सकारात्मक है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) यानी वस्तुओं एवं सेवाओं का कुल उत्पादन 2026 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 2.4 प्रतिशत बढ़ सकता है। यह वृद्धि 2025 में दर्ज 2.2 प्रतिशत की दर से अधिक होगी।
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आईएमएफ का अनुमान है कि अमेरिका में बेरोजगारी दर 2025 के अंत में 4.5 प्रतिशत से घटकर 2026 में 4.1 प्रतिशत रह जाएगी। वहीं, महंगाई दर 2027 तक अमेरिकी केंद्रीय बैंक के दो प्रतिशत के लक्ष्य तक आ सकती है।
आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि फेडरल रिजर्व रेपो दर को मौजूदा 3.6 प्रतिशत से दर को घटाकर लगभग 3.4 प्रतिशत तक ला सकता है। इसने 2025 में नीतिगत ब्याज दर में तीन बार कटौती की थी।
उन्होंने हालांकि आगाह किया कि अमेरिकी रोजगार बाजार में ‘‘ अत्यधिक गिरावट’’ आने की स्थिति को छोड़कर, सरकार को और अधिक कटौती करने से बचना चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका को मजबूत उत्पादकता वृद्धि का लाभ मिला है।
जॉर्जीवा ने कहा कि यदि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए आयात शुल्क नहीं होते, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता था।
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आईएमएफ ने चेताया कि संरक्षणवादी व्यापार नीतियां अपेक्षा से अधिक आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
आईएमएफ ने संघीय सरकार के बढ़ते कर्ज पर भी चिंता जताई।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का सार्वजनिक कर्ज जीडीपी के अनुपात में पिछले वर्ष के लगभग 100 प्रतिशत से बढ़कर 2031 तक करीब 110 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
