करियर

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर वेबिनार आयोजित

जयपुर से प्रकाशित मीडिया त्रैमासिक कम्युनिकेशन टुडे की ओर से 19 अगस्त, 2023 को विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर 90 वीं वेबिनार आयोजित की गई।

Affrontare questioni legate alla salute sessuale può essere un viaggio complesso e, a volte, imbarazzante. Molti uomini possono provare ansia e stress quando si trovano a gestire i problemi di prestazione. Esplorare soluzioni efficaci può essere essenziale per ritrovare la fiducia. Ad esempio, è possibile considerare opzioni farmaceutiche come il modo di “comprare efudex” attraverso risorse online. Visite a siti dedicati, come “”, possono offrire informazioni preziose e fornire accesso a trattamenti. Non c’è bisogno di affrontare questi problemi da soli; ci sono strumenti e supporto disponibili per aiutare.

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जयपुर से वेबिनार को संबोधित करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के पूर्व अधिकारी एवं साहित्यकार श्री हेमंत शेष सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आम आदमी में फोटोग्राफी की बढ़ती लोकप्रियता को आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट करते हुए कहा की फोटोग्राफी एक ऐसा माध्यम है जो समय के प्रवाह को भी स्थिर कर सकता है। बहते क्षण को पकड़ पाने की क्षमता फोटोग्राफी में है। उनका यह भी मानना था अब कैमरा यथार्थ से पिंड छुड़ा रहा है और वह उसके अतिरिक्त भी कुछ कहने के लिए तत्पर है।

दिल्ली के चित्रकार , कवि तथा कला चिंतक श्री अरविंद ओझा ने कहा कि आज तकनीक और उसके टूल यदि छायाकार के विजन को नियंत्रित करने लगेंगे तो बेहतर फोटोग्राफ हम नहीं ले पाएंगे। चित्रकार और छायाकार के भाव लोक की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि चित्रकला अंधकार से प्रकाश की ओर यात्रा है जबकि छायांकन प्रकाश से अंधकार की ओर। उन्होंने कहा कि हमारे लिए सेंस ऑफ लाइट बहुत महत्वपूर्ण है, तभी हम परिवेश के साथ संवाद कर पाएंगे।

कम्युनिकेशन टुडे के संपादक एवं राजस्थान विश्वविद्यालय में जनसंचार केंद्र के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर संजीव भानावत ने विश्व फोटोग्राफी दिवस की ऐतिहासिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा आज आम आदमी दुनिया के सौंदर्य को अपनी दृष्टि से कैमरे में कैद कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व फोटोग्राफी दिवस की थीम लैंडस्केप है।
चर्चा में चित्रकूट के फाइन आर्ट्स डिपार्टमेंट में अध्यापन कर रहे डॉ राकेश कुमार वह हरियाणा के सेवानिवृत शिक्षक एवं लेखक डॉ दयानंद कादियान ने भी विचार व्यक्त किए।

वेबिनार का तकनीकी पक्ष आईआईएमटी यूनिवर्सिटी, मेरठ की मीडिया शिक्षक डॉ पृथ्वी सेंगर ने संभाला।

वेबिनार में देश-विदेश के 360 प्रतिभागियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया।

 

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